कासगंज/सोरों/सहावर/पटियाली। जिले में गंगा और उफान पर है। दर्जन भर तटीय गांव बाढ़ की चपेट में हैं। हजारों हेक्टेयर फसलें तबाह हो गई हैं और खेतों में क ई-कई फीट पानी भरा है। शुक्रवार की सांय तक जलस्तर लगातार वृद्धि हो रही थी। ग्रामीण दहशत में हैं। वे घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। अगले 24 घंटे और भी खतरे भरे बताए जा रहे हैं। तटीय गांवों के लोग पूरी रात जाग कर काटने को विवश हैं।
जिले में गंगा डेंजर लेवल को पार करके डार्क लेवल पर बह रही है। नरौरा से छोड़ा गया पानी सांय तक यहां पहुंच गया। सोरों के इलाके से इस पानी का रुख पटियाली की तरफ हो गया है। बाढ़ ने सोरों इलाके के लहरा, डिमलेश नगर को चारों ओर से घेर लिया है। वहीं आबादी के बीच गलियों में भी पानी घुसने लगा है। यहीं हाल बघेला, पाठकपुर, दतलाना सहित अन्य इलाकों का है। बघेला के प्राइमरी स्कूल में बाढ़ का पानी घुस गया है। खड़ैरी गांव के समीप ही उड़ैर बांध में भी रिसाव हो गया है, जिससे गांव की ओर पानी का रुख हो गया है। कछला गंगा घाट पर हाई फ्लड लेवल को क्रास करके गंगा 164.60 मीटर के निशान पर बह रही है। कछला घाट पर पानी भरा हुआ है। ग्राम लक्ष्मी नगला और पंखिया नगला में पानी घुस गया है। गांव के करीब 240 परिवारों ने गांव के बाहर सड़कों पर शरण ले रखी है। लोगों ने नाव के सहारे सामान बाहर निकाला है।
सहावर इलाके से सटे पटियाली तहसील के वमनपुरा, अजीतनगर की आबादी में भी पानी घुस गया है। नगला उलाई, चौखे, सिकंदपुर, अल्लीपुर, नगला ढाव, किनौली, पिसौल गांव भी बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इस इलाके के खेतों में कई-कई फीट पानी भरा हुआ है। वहीं पटियाली क्षेत्र के शहवाजपुर की ओर से बाढ़ का पानी समसपुर तराई, वरौना गांव में घुस गया है। नगला खंदारी, नेथरा, कादरगंज खाम, नगला हंसी, नगला लोखर, मूजखेड़ा गांव में पानी पहुंचने से हड़कंप की स्थिति है।
इन मार्गाें पर आई बाढ़
-सहावर का सहवाजपुर-सुन्नगढ़ी मार्ग
-सहावर का मनकापुर मार्ग
-सोरों का बघेला-खड़ैरी संपर्क मार्ग
-पटियाली का कादरगंज-समसपुर मार्ग,
-पटियाली का नरदौली-अलोखर मार्ग,
-पटियाली का कादरगंज-नरदौली मार्ग,
-पटियाली, कादरगंज-सुन्नगढ़ी मार्ग