एटा। श्री वर्णीजैन इंटर कॉलेज परिसर में पंचकल्याणक महोत्सव स्थल ( बनारस की नगरी) पर तीसरे दिन निकाली गई कलश यात्रा व शोभायात्रा में भक्तों का सैलाब उमड़ा। जय जिनेन्द्र, श्री पार्श्वनाथाय नम: की गूंज से माहौल भक्तिमय हो गया। 1008 महिलाओं की कलश यात्रा देखते ही बन रही थी। महिलाएं भजन गा रही थीं तो युवा बैंड की धुन पर थिरक रहे थे। रथों, हाथियों पर सवार इंद्र इंद्राणियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
गर्भोत्सव कल्याणक का मंचन देख भावुक हुए दर्शक
एटा। मंगलवार रात साढ़े आठ बजे आयोजित गर्भ कल्याणक का उत्तररूप तीर्थंकर के पिता का दरबार सोलह स्वप्नों का आयोजन किया गया। जिसमें महाराज ने 16 सपनों का फल बताया। इस दौरान पूरी कथा का नाट्य रूपांतरण देखकर दर्शक भावुक हो गए। जिसमें इंसान के जीवन में 16 फल दान, सहायता, बदलाव, घृणा, पाप न करना, उसका फल आदि के बारे में जानकारी दी गई।
16 जनवरी, पंच कल्याण का दूसरा कल्याण (जन्मोत्सव)
समय: प्रात: 8 बजे : जाप्यानुष्ठान
महोत्सव में हर दिन की भांति सुबह भक्तों ने पार्श्वनाथ भगवान का दूध व जल से अभिषेक किया। जिसमें अनेक भक्तों ने हिस्सा लेकर पुण्य कमाया।
समय साढ़े आठ बजे
स्वर्ग से उतरीं कुमारियां
बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में स्वर्ग से 16 कुमारियों ने पूरी बनारस की नगरी को भक्तिमय कर दिया। स्वर्ग से उतरी सुभा जैन, महिका, आशीष जैन, प्रियांशी जैन, कीर्ति जैन, दीक्षा जैन, प्रिंसी जैन, पारखी जैन, प्रज्ञा जैन, पारूल जैन आदि ने माताओं से आशीर्वाद लेते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा करना ही परमधर्म होता है। विधान पूजा में एक करोड़ 76 लाख वाद्ययंत्रों की ध्वनि जब होती है, तब भी श्रीजी जन्म लेते हैं।
ईश स्तुति के बिना बर्थ डे व्यर्थ डे : प्रमुख सागर महाराज
महोत्सव में भक्तों को धर्म की राह पर चलने का संदेश देते हुए प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि जीवन को सुखी बनाने के लिए वैराग्य चाहिए। बच्चों का बर्थडे हकीकत में व्यर्थ डे है क्योंकि बच्चा जैसे-जैसे बढ़ा होता जाता है, उसकी उम्र ढलती जाती है। ऐसे में भगवान का नाम ही जीवन को सार्थक बनाता है।
1008 कलशों की शोभायात्रा
महोत्सव में आयोजन स्थल से निकली 1008 कलशों की शोभायात्रा में हजारों भक्तों ने हिस्सा लिया। शोभायात्रा नगर के शिकोहाबाद रोड, जीटी रोड, ठंडी सड़क तथा घंटाघर होती हुई सीधे महावीर पार्क पहुंची। इस दौरान जगह-जगह भक्तों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। पार्श्वनाथ महाराज के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। महाराज रथों एवं हाथियों पर सवार थे। युवक युवतियां ही नहीं बुजुर्ग भी भगवान के जन्मदिन पर थिरकते दिखे। पार्क में पहुंचते ही 1008 कलशों से पाडुंव शिला पर भगवान का अभिषेक किया गया। पंचकल्याण महोत्सव में शाम छह बजे भजन एवं आरती का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों भक्तजन शामिल हुए।
मेला बना आकर्षण
एटा। पंचकल्याणक महोत्सव को लेकर बनारस की नगरी में लगा मेला का भक्त जमकर आनंद उठा रहे है। मेला जहां बच्चों को लुभा रहा है, तो मेहंदी की दुकानों पर युवतियां मेहंदी लगाती देखी गईं।