एटा। आदर्श पब्लिक स्कूल सिपपुर के तत्वावधान में दीपावली के उपलक्ष्य में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने कविताओं के माध्यम से श्रोताओं का जमकर मनोरंजन किया।
कवि सम्मेलन का उद्घाटन नगरपालिका अध्यक्ष राकेश गांधी ने मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अध्यक्षता वृंदावन चार धाम आश्रम के संत व कवि प्रभुदास महाराज ने की तथा संचालन ओज कवि बलराम सरस ने किया। इस दौरान संयोजक देवजीत सिंह वर्मा ने संत व कवियों का सम्मान किया।
इसके बाद शुरू हुआ कवियों की कविताओं का दौर। सबसे पहले डा. राकेश मधुकर ने सरस्वती वंदना की। इसके बाद व्यंग्यकार अशोक अंचल शिकोहाबाद ने अपनी कविया कुछ इस तरह पढ़ी-जिंदगी हर हाल का हिसाब मांगेगी, तुझसे हर सवाल का जबाव मांगेगी। पटियाली से आए कवि लंकेश पटियालवी ने सुनाया- बाला कोई झोपड़ी में अगर सयानी हो गई, गांवभर के मनचलों की राजधानी हो गई। पर खूब तालियां बटोरीं। प्रशांत पाठक ने सुनाया-हर तरफ जब सांप बैठे क्या करेंगे आप अब, अपना कद सब नांप बैठे क्या करेंगे आप अब। इसी प्रकार ओज कवि बलराम सरस ने कविता सुनाई- राम तुम्हें भी पता न होगा, ऐसा भी दिन आएगा, खड़ा-खड़ा घोड़ा टापेगा, गधा पंजीरी खाएगा।
इसी प्रकार अशोक अनुरागी ने सुनाया- धारण करके श्रेष्ठ आचरण, भारत की तकदीर बनें, पर पीड़ा निज पीड़ा समझे हम ऐसे गंभीर बनें।
अजीतमल औरैया से आए हास्य कवि टोपा ने श्रोताओें को हंसाते-हंसाते लोटपोट कर दिया। उन्होंने सुनाया-अजीब हाल हुआ है हमारे कूंचे में, टोपा का घर नीचे में, सड़क ऊंचे में। इसके अलावा कवि डा. राकेश मधुकर ने भी कविता सुनाई। अंत में सुनील कुमार चौहान ने सभी का आभार जताया।