किराना बाजार में जीने की जमीन पर कब्जा कर बनाई गई दुकान।संवाद
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एटा। शहर के सबसे व्यस्त बाजार घंटाघर स्थित किराना बाजार में नगर पालिका ने छतों तक पहुंचने के लिए जीने (सीढ़ियां) बनाए थे। धीरे-धीरे अतिक्रमणकारियों ने इन पर कब्जा करना शुरू किया। नगर पालिका की ही सांठगांठ से कब्जा कर दुकानें बना ली गईं। करीब 57 लाख रुपये कीमती जमीन पर अब व्यापारी काबिज हो गए हैं।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. दीप वार्ष्णेय के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नगर विकास मंत्री को शिकायत भेजी गई है। बताया गया है कि किराना बाजार में छतों पर जाने के लिए नौ जीने बने हुए थे। अवैध रूप से धन वसूली कर इन्हें दुकानों में परिवर्तित कर दिया गया। इन जीनों की जमीन का बाजार मूल्य करीब 57 लाख रुपये है। जिसे नगर पालिका द्वारा बेच दिया गया है। बाजार में एक भी जीना छत पर जाने के लिए नहीं बचा है। सुभाष मार्ग स्थित बांस मंडी में तीन मंजिला दुकानों का अवैध निर्माण कराकर धन उगाही करने का भी आरोप लगाया गया है।
बूरा मंडी में अतिक्रमण को भी हरी झंडी
शहर में अतिक्रमणों को चिह्नित किया जा रहा है, लेकिन नगर पालिका परिषद द्वारा घंटाघर स्थित बूरा मंडी में अतिक्रमण को भी हरी झंडी दे दी गई है। यहां पर नालियों के ऊपर लोहे के खोखे रख दिए गए हैं। पालिका के संपत्ति लिपिक व अतिक्रमण प्रभारी पर आरोप लगाए गए हैं कि खोखा संचालकों से वसूली की जा रही है।