एटा। जिला मुख्यालय पर स्थित बस स्टैंड से लोग भारी संख्या में अन्य जनपदों के साथ ही दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड की यात्रा करते हैं। इस वर्ष महाकुंभ मेले के बाद डिपो के बेड़े में 13 नई बसें शामिल की गई हैं। इसके बाद अब 9 बसें और आने वाली हैं, इनके नए साल में मिलने की उम्मीद है।
रेल सेवा न होने के कारण अधिकांश लोग बस के सहारे ही यात्रा करते हैं। बहुतायत में जिले के लोग दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड में नौकरी करते हैं। यह सब बस के माध्यम से ही यात्रा करते हैं। पहले जहां डिपो के बेड़े में निगम की 81 और अनुबंधित 87 बसें थीं। महाकुंभ के बाद 22 बसों के आने की बात कही गई थी, मगर उसमें से 13 ही भेजी गई हैं। जिसके बाद निगम की बसों की संख्या 94 हो गई। इसके बावजूद भी कई मार्गों पर बस का संचालन शुरू नहीं हो सका है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि अगले माह नए साल में शेष 9 बसें मिलने की उम्मीद है। इनके आने से काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा शहर के बीचोंबीच स्थित रोडवेज स्टैंड को जब इलेक्ट्रिक स्टेशन में तब्दील कर दिया जाएगा, तब इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा। इनके संचालन से आसपास के लोगों को काफी राहत मिलेगी।