एटा। दिवाली पर आतिशबाजी चलाते हुए अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 9 बालक झुलस गए। परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां 7 का उपचार चल रहा है और 2 को आगरा रेफर किया गया है।
थाना जैथरा के गांव नगला धनू निवासी सुनील कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिवाली के पर्व पर रात में पटाखे चलाए गए। शुक्रवार सुबह जले हुए पटाखों की बची हुई बारूद को मोहल्ले के ही आयुष, कार्तिक और मेरे दो बच्चे स्वार्थी व हर्ष ने इकट्ठा कर लिया। कोई बालक घर से माचिस ले आया और बारूद के ढेर में आग लगा दी। आग लगते ही उसमें विस्फोट हो गया। जिसके चलते चारों बच्चे चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गए। इन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। स्वार्थी और हर्ष को आगरा रेफर किया गया है।
शुक्रवार को ही शहर के मोहल्ला लालपुर में आयुष और अंश शर्मा, भगीपुर में सौरव पटाखा चलाते समय झुलस गए। थाना कोतवाली देहात के गांव असरौली में जाह्नवी, सकीट के सरदलगढ़ में उपासना भी आतिशबाजी चलाते समय झुलस गईं। इन सभी घायलों का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। ईएमओ डॉ. माधवेंद्र ने बताया कि बच्चों को आतिशबाजी चलवाते समय बड़ों की उपस्थिति और निगरानी आवश्यक है। जिससे कि अज्ञानता में बच्चे हादसों का शिकार न हो जाएं।