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Etah News: बिना रजिस्ट्रेशन के फर्राटा भर रहे 7500 ई-रिक्शा

Mon, 24 Mar 2025 11:48 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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सवारियों के इंतजार में जीटी रोड ​स्थित रेलवे रोड के समीप खड़े ई-रिक्शा। - फोटो : सवारियों के इंतजार में जीटी रोड ​स्थित रेलवे रोड के समीप खड़े ई-रिक्शा।
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एटा। जिले में वर्तमान समय में 9 हजार से अधिक ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इनमें से मात्र 1500 का पंजीकरण हुआ है। अन्य बिना पंजीकरण के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
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जिले में करीब आठ हजार ई-रिक्शा संचालित हैं, इनमें तमाम ऐसे हैं जिनको नाबालिग दौड़ा रहे हैं। यह यात्रियों की जान खतरे में डाल रहे हैं। ई-रिक्शों की वजह से हर मार्ग पर जाम की समस्या है। उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त ने 9 जुलाई 2015 को एक पत्र जारी कर सभी विभागीय अधिकारियों से कहा था कि ई-रिक्शा का परिवहन विभाग में अन्य वाहनों की तरह पंजीकरण कराया जाए। इसके अलावा चालकों के लिए अलग से वाहन लाइसेंस भी जारी होना चाहिए।
चालकों का प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र भी लगना है। इसके अलावा पंजीकरण का शुल्क निर्धारित सवारी क्षमता के अनुसार लगाया जाए। मगर जिले के जिम्मेदार अधिकारियों का इस ओर ध्यान ही नहीं है। इसकी वजह से घटना-दुर्घटना के बाद ई-रिक्शा का पता करना भी मुश्किल हो जाता है। एआरटीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया ई-रिक्शा पंजीकरण के लिए जो रह गए हैं उनको दिखवाया जाएगा।
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नहीं हुआ स्टैंड का इंतजाम
जिला मुख्यालय के साथ ही कस्बों में भी ई-रिक्शा की वजह से अक्सर जाम की समस्या सामने आती है। शहर में यातायात पुलिस व नगर पालिका की ओर से कई बार निदान का प्रयास किया गया। मगर सफलता नहीं मिली। ई-रिक्शा के लिए स्टैंड बनाने की बात हुई तो विवाद हो गया। नंबर डालकर रूट प्लान तय किया गया, उसको लागू भी किया गया। मगर यह कुछ दिनों तक ही चल सका, जिसके कारण समस्या ज्यों की त्यों हो गई।

रविवार को डीएम ने दिए सत्यापन और पंजीकरण के निर्देश

जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने रविवार की देर शाम जिला मुख्यालय पर प्रमुख बाजारों और मार्गों पर पैदल भ्रमण कर जायजा लिया। घूमते हुए बस स्टैंड पहुंचे और यहां व रास्ते में मिले ई-रिक्शा की भारी संख्या को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को पंजीकरण के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सभी आई-रिक्शा का सत्यापन और पंजीकरण कराया जाए। इससे कि यात्रियों को इनमें बैठकर किसी प्रकार की चिंता न करनी पड़े और वह अपने गंतव्य तक सुरक्षित तरीके से पहुंच सकें।
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