एटा/जलेसर। जिले में मंगलवार की रात शुरू हुई बरसात एक बार फिर लोगों पर कहर बनकर टूटी। कई स्थानों पर मकान गिरने से लोगों का काफी नुकसान हुआ है। जलेसर कोतवाली प्रभारी के आवास सहित 7 मकान गिर गए। कई मकानों की दीवारों तो कई छतों में दरारें पड़ गई हैं। पूरे दिन ही बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
जलेसर कोतवाली प्रभारी डॉ. सुधीर राघव के आवास की छत मंगलवार शाम भरभरा कर गिर गई। उस मय कोतवाली प्रभारी अपने आवास में ही थे। हादसे के बाद अपना सामान आदि लेकर नगर पालिका कार्यालय के सभागार में उन्होंने शरण ली है। कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला सती रनोसा निवासी सुरेश चंद्र का कच्चा मकान बारिश के चलते बुधवार को ढह गया। जिसमें गृहस्थी का सारा सामान मलबे के नीचे दबकर नष्ट हो गया।
कस्बा सकीट में मोहल्ला चक निवासी सोनू का मकान बुधवार को भर-भराकर गिर पड़ा। इसके अलावा सकीट ब्लॉक के ही गांव नगला बिके में रवेंद्र सिंह और दोदलपुर में बलवंत सिंह के मकान बारिश की वजह से गिर पड़े। इन हादसों में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। लेकिन घर का सारा सामान मलबे में दबने से खराब हो गया।
थाना मिरहची के गांव चाठी में भगवान सिंह और श्रीपाल दिवाकर के मकान बरसात की वजह से धराशाई हो गए। कई स्थानों पर नए व पुराने मकानों में दरार आ गई हैं। जिसके चलते उनके गिरने का खतरा बना हुआ है।