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एसबीआई में ही सात करोड़ का लेनदेन

Tue, 31 Mar 2015 11:09 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
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वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन मंगलवार को बैंक, कोषागार और डाकघरों में लेनदेन का काम चलता रहा। सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ रही। लोग लाभकारी योजनाओं के लिए लाइन लगाए रहे। एसबीआई में सवा सात करोड़ का लेनदेन रहा। वहीं डाकघर में सुकन्या धन योजना के आवेदकों की कतार लगी रही।


मंगलवार को बैंक-कोषागार में भीड़ भरा माहौल रहा। यहां पहुंचे लोग लेनदेन में व्यस्त थे। साथ ही विभिन्न बचत योजनाओं और अन्य राजकीय योजनाओं में धन जमा करते दिखाई दिए। भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा में मेले जैसा माहौल था। यहां सुबह से ही सरकारी चालान जमा करने वालों की लंबी लाइन रहीं। इनमें आयकर, वाणिज्य कर, नवीनीकरण आदि उपभोक्ताओं की भरमार थी। मुख्य शाखा में ही इस दिन सवा सात करोड़ का लेन देन किया गया। वहीं डाकघर में सुकन्या धन योजना के  लिए आवेदकों की लाइन थी। सैकड़ों लोगों ने आयकर आदि के लिए पीपीएफ, एनएससी आदि मेें भी लाखों का निवेश किया।
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दूसरी ओर बिजली विभाग अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया। शहरी क्षेत्र को चार करोड़ के राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन वह ढाई करोड़ ही पूरा कर पाया। विभाग को उम्मीद थी कि सरकारी विभागाें पर जो बकाया है वह मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।


देर तक खुले रहे बैंक, कोषागार, डाकघर
ग्राहकों की भीड़ के चलते अधिकारियों-कर्मचारी भी मंगलवार को खासे व्यस्त रहे। बैंक, डाकघर, कोषागार में आधी रात तक खुले रहे।


नई व्यवस्था में कोई भी सरकारी धन लौटाया नहीं जाता। वरन इसके लिए एक माह का अतिरिक्त समय का प्रावधान है। ऐसे में यह भुगतान 30 अप्रैल तक अनुमन्य है।
- धर्मेद्र सिंह, बैंक अधिकारी, एसबीआई



डाकघर में सर्वाधिक मांग सुकन्या धन योजना की रही। पीपीएफ, एनएससी आदि में भी लाखों का निवेश हुआ है। निर्धारित समय के बाद भी लोगों के काम निपटाए गए।
- एसजी गौड़, पोस्ट मास्टर, मुख्य डाकघर
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