एटा से कासगंज की प्रस्तावित फोरलेन योजना को कैनाल रूट से जोड़कर निकाला जाए तो महज 68 करोड़ रुपये अधिक खर्च करने होंगे। लेकिन बाईपास निर्माण का ये प्रस्ताव जनप्रतिनिधि शासन के सामने रखने में फेल साबित हो रहे हैं।
अमर उजाला की पड़ताल में यह आंकड़ा सामने आया। फोर लेन योजना पर शासन को 332 करोड़ रुपये व्यय करना है। इस योजना के अंतर्गत कासगंज की सीमा में किलोमीटर 152 से 162 तक 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। यदि इस सड़क को कैनाल रूट से जोड़कर निकाला जाए तो इसकी लंबाई 17 किलोमीटर होगी। जिस पर करीब 68 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इतने खर्च से जनता को सुगम यातायात मिल जाएगा। यह आंकड़ा जिले के जनप्रतिनिधि शासन को समझाने में नाकाम हुए हैं। व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल का कहना है कि फोरलेन योजना को कैनाल रूट से ही निकाला जाए। इससे नगर का विस्तार भी होगा। व्यापार संगठन के जिला महामंत्री डा. मोहम्मद फारूख का कहना है कि वो इस मामले की जानकारी शासन को देंगे। लोक निर्माण मंत्री के सामने आंकड़ा रखा जाएगा। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सीपी सिंह ने बताया कि शासन को सभी आगणन भेजे गए हैं।
अमर उजाला के बाईपास अभियान में मंगलवार को युवा व्यापार मंडल ने प्रमुख बाजारों में फ्लैक्स लगाए हैं। शिविर में छह सौ लोगों ने हस्ताक्षर किए।
अशोक नगर तिराहे पर समाजसेवी माधव तिवारी ने बाईपास अभियान को लेकर शिविर आयोजित किया। युवा कार्यकर्ताओं में अनुप कुमार, प्रवेश कुमार, जुबैर अहमद, शनी प्रकाश, सुरेश चन्द्र, अंकित, विवेक, रनवीर आदि मौजूद रहे। युवा व्यापार मंडल जिला इकाई के अध्यक्ष अमित पल्तानी, महामंत्री अश्वनी चतुर्वेदी ने फ्लैक्स लगाकर बाईपास की मुहिम उठाई। इसके अलावा नगर पालिका परिषद में पालिकाध्यक्ष रूपकिशोर कुशवाह, अपर पुलिस अधीक्षक राधेमोहन भारद्वाज ने बैठक कर जाम से निजात पाने के लिए जनसहयोग की अपील की।