एटा। धोखाधड़ी और शस्त्र अधिनियम के मामले में अवर न्यायालय ने रामवीर निवासी महाराजपुर थाना जसरथपुर को दोषमुक्त करार दे दिया। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता ने दांडिक अपील की। अपर सत्र न्यायाधीश सुधा ने अवर न्यायालय के निर्णय को पलटते हुए रामवीर को 5 साल कैद की सजा सुनाई है।
रामवीर के विरुद्ध 1999 में जसरथपुर थाना पुलिस ने यह मामला दर्ज किया था। इसकी अदालत में लंबी सुनवाई चली। 29 फरवरी 2024 को न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या 22 ने आदेश दिया। इसमें संदेह का लाभ देते हुए रामवीर को दोषमुक्त करार किया गया। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने इस आदेश के खिलाफ अपर सत्र न्यायालय में दांडिक अपील दायर की।
विचारण न्यायालय द्वारा न्यायिक मस्तिष्क का प्रयोग न करने, साक्ष्यों का मूल्यांकन सरसरी तौर पर करने आदि तर्क दिए। दांडिक अपील की सुनवाई पूरी होने पर अपर त्र न्यायालय ने रामवीर को दोषी ठहराया। 5 साल के कारावास सहित 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किए जाने का आदेश दिया है।