एटा। विकास को रफ्तार देने वाले विकास भवन में अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही और मनमानी कम नहीं हो रही। जिसके चलते यहां आने वाले फरियादियों को बार-बार संबंधित कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ता है। शुक्रवार को भी यही स्थिति दिखाई दे रही थी। जिला विकास अधिकारी ने जब सुबह 10:30 बजे सभी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया तो 41 कर्मचारी अनुपस्थित थे। सभी को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिले के विकास के लिए कई विभागों के कार्यालय विकास भवन में बने हुए हैं। जिसके चलते कोई भी समस्या होने पर गांव से लेकर शहर तक के लोग यहां शिकायत लेकर आते हैं। जिस विभाग के कर्मचारी या अधिकारी से उनको मिलना होता है वह अपने कार्यालय से नदारद मिलता है। जिसके बाद फरियादी को मायूस होकर लौटना पड़ता है। लोगों की इस समस्या को लेकर अमर उजाला समाचार पत्र ने विगत दिनों समाचार को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था।
जिसके बाद खबर का संज्ञान लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों ने विकास भवन का औचक निरीक्षण किया। हर बार इसमें कई अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इसके बावजूद भी स्थिति नहीं सुधरी। शुक्रवार को जिला विकास अधिकारी प्रवीण कुमार राय ने सभी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया तो 41 अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित मिले। जिसके बाद इन सभी को नोटिस देकर जबाव मांगा गया है।
इन कार्यालयों के अधिकारी व कर्मचारी मिले अनुपस्थित
जिला पंचायतीराज, श्रम विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, कृषि विभाग, कृषि रक्षा कार्यालय, ग्राम्य विकास विभाग, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग, लघु सिंचाई विभाग, पर्यटन विभाग आदि विभागों के कार्यालय के कर्मचारी नदारद मिले।