एटा। थाना जैथरा के गांव कूकपुरा में बृहस्पतिवार को बरामदे की छत गिरने से घायल हुए दोनों बालकों की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे हैं। इस हादसे में उन्होंने अपनी दादी व तीन बहनों को खो दिया है। पिछले साल तक उनकी कलाई पर चार बहनों के प्यार की राखी सजती थीं। अब केवल एक ही बहन बची है।
हादसे के बाद से गांव में माहौल काफी गमगीन है। शुक्रवार की सुबह रामगोपाल की मां होशियारश्री का भूतेश्वर में अंतिम संस्कार किया गया। जबकि अंशिका और जूली के शव को गांव के बाहर तालाब के पास दफनाया गया। वहीं सपना के शव का देर शाम तक इंतजार किया जा रहा था। आगरा में उपचार के दौरान हुई मौत के चलते सपना के शव का पोस्टमार्टम भी आगरा में ही किया गया।
इस प्रकार की स्थिति को देखकर रामगोपाल के बेटे शिवा और आनंद का रो-रोकर बुरा हाल है। उपचार चल रहा है मगर बहनों को याद करके इनकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे हैं। चार बहनों में से तीन की इस हादसे में मौत हो गई। वहीं एक बड़ी बहन रिंकी का विवाह हो चुका है। शिवा व आनंद ने रोते हुए कहा कि अब तक चार बहनें कलाई पर राखी बांधती थीं। इस बार केवल एक ही बहन राखी बांधेगी। उनको रोता देखकर हर व्यक्ति की आंख नम हो रही थीं।