एटा। रबी फसल की तैयारी के लिए सभी प्रकार के उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता के जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं। डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट), एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम) और एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) सहित कुल 7880.965 मीट्रिक टन खाद होने की बात कही जा रही है। शनिवार को 354 एमटी डीएपी खाद और प्राप्त हो गई है।
जिले में उर्वरकों की किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने का अधिकारी दावा कर रहे हैं। वर्तमान में डीएपी, एनपीके, और एसएसपी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे किसान बिना किसी चिंता के अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। किसानों से अपील की है कि वे संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें ताकि भूमि की उर्वरता बनी रहे। रबी फसल के तहत जिला के किसान सरसों, आलू और गेहूं की बुवाई कर रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी डा. मनवीर सिंह ने बताया कि शनिवार को 354 एमटी डीएपी प्राप्त हुई है। इसको दुकानों पर पहुंचवा दिया है। किसानों को सलाह दी है कि वह फसलों की बुवाई में एसएसपी का अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि फसल को सल्फर और अन्य पोषक तत्व प्राप्त हो सकें। यह भूमि की उर्वरता को बढ़ाने में सहायक होता है और फसल की गुणवत्ता में सुधार लाता है।
इसके साथ ही सभी खाद के थोक और फुटकर विक्रेताओं तथा सहकारी समिति के सचिवों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह किसानों को उनकी जोतबही या खतौनी के आधार पर ही उर्वरक प्रदान करें। बिक्री का कार्य पीओएस मशीन के माध्यम से आधार कार्ड के आधार पर ही किया जाए। अन्य जनपद के किसानों को उर्वरक न बेचा जाए।