इस बार दशहरा पर 35 फुट ऊंचा रावण फुंकेगा। जबकि पिछले साल 28 फुट का रावण जला था। कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले भी तैयार हो रहे हैं। कासगंज के तोफीक इन पुतलों को बनाने में लगे हैं। इस बार पुतलों को सीधा खड़ा करने के लिए अंदर लोहे की सरिया डाली जा रही हैं। वहीं लोग आतिशबाजी का भी आनंद उठाएंगे। काफी दूर तक पटाखों की आवाज सुनाई देगी।
बता दें कि दो साल पहले पुतला बनाने वाले कारीगर व कमेटी सदस्यों के बीच मनमुटाव हो गया था। इसके चलते पिछले साल रेडीमेड रावण, मेघनाथ व कुंभकरण के पुतले रामलीला कमेटी ने मंगाए थे। रंग बिरंगे यह पुतले 27 से 28 फुट लंबे थे जो धूं-धूंकर जले थे। इस बार यह पुतले यहीं रामलीला मैदान में बनवाए जा रहे हैं, जिन्हें कासगंज के तोफीक बना रहे हैं। तोफीक बताते हैं कि यह काम उनका पुस्तैनी है। उनके बाबा व पिताजी भी रामलीला में इन पुतलों का निर्माण करते थे। अब वह इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं। रावण, कुंभकरण, मेघनाथ के सिर, हाथ पैर आदि बनकर तैयार हो गए हैं। दशहरा तक यह पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि पुतलों को सीधा खड़ा करने के लिए इनके अंदर लोहे की सरिया भी लगाई जा रही है।
रामलीला कमेटी के महामंत्री अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि रावण, मेघनाथ व कुंभकरण के पुतलों के साथ ही सती सलोचना का पुतला व लंका भी बनाई जा रही है। 23 अक्तूबर को पुतलों का दहन होगा। इस बार रावण का पुतला 35 फुट लंबा बनवाया जा रहा है जो दूर तक दिखाई देगा। आतिशबाजी भी जमकर होगी। पटाखों की आवाज लोगों को काफी दूर तक सुनाई देगी। पुतलों के निर्माण व आतिशबाजी पर 50 हजार रुपये का खर्चा आएगा।