जिलाधिकारी के विजयेन्द्र पाण्डियन के निर्देश पर ब्लॉक कासगंज में पंजीकरण शिविर लगाया गया। शिविर में मनरेगा, ईंट भट्ठा एवं अन्य निर्माण स्थलों पर कार्यरत पात्र निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया गया। कुल 265 श्रमिकों ने बुधवार को पंजीकरण कराया। शिविर में पंजीकरण के बाद मिलने वाली सरकारी योजनाओं से होने वाले लाभ के बारे में भी श्रमिकों को बताया गया।
सहायक श्रम आयुक्त शक्ति सैन मौर्य ने बताया कि सरकार द्वारा मजदूरों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन जानकारी के अभाव में ईट भट्टा, मनरेगा और अन्य जगह कार्य करने वाले मजदूर अपना पंजीकरण नहीं करा पाते और योजनाओं का लाभ पाने से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि एक साल में मनरेगा श्रमिक के 50 दिन के कार्य करने एवं अन्य श्रमिकों के 90 दिनों में कार्य करने के उपरांत उनका पंजीकरण विभाग द्वारा किया जाता है। पंजीकरण के बाद शिशु हित लाभ, मातृत्व हितलाभ योजना, बालिका मदद योजना, अक्षमता पेंशन योजना, दुर्घटना सहायता मध्यान भोजन सहित 14 योजनाओं का लाभ श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा निहित है। इन योजनाओं का लाभ तब ही किसी श्रमिक को मिलेगा जब उसका पंजीकरण होगा। सहायक श्रम आयुक्त अधिकारी ने बताया कि बुधवार और गुरुवार को दो दिवसीय शिविर ब्लाक सोरों में लगेगा।
अमापुंर में 25, 27, सिढ़पुरा में चार और पांच फरवरी, सहावर में 10, 11, गंजडुडवारा में 18, 19, पटियाली में 24,25 को ब्लाक क्षेत्रों में पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह चार बजे तक कैंप लगाया जाएगा।