विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार से नामांकन प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा में शुरू हो गई। पहले दिन कोई प्रत्याशी नामांकन करने नहीं पहुंचा। प्रत्याशी और उनके समर्थक नामांकन फार्म खरीद कर चले गए। मंगलवार को सबसे ज्यादा नामांकन फार्म एटा सदर सीट पर 18 बिके। नामांकन के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर कलक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर रखा था। पहले दिन भाजपा और कांग्रेस पार्टी को छोड़ निर्दलीय, सपा और बसपा प्रत्याशियों ने नामांकन फार्म खरीदे।
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के कारण मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर छावनी में तब्दील दिखाई दिया। सिर्फ नामांकन फार्म लेने वालों को आरओ कक्ष तक जाने की अनुमति दी गई। मारहारा आरओ संजीव कुमार ने बताया कि पहले सिर्फ समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अमित गौरव यादव ने नामांकन फार्म लिया है। अलीगंज आरओ मोहन सिंह ने बताया कि एक एसपी और चार निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन फार्म ले गए।
जलेसर विधानसभा के लिए एक निर्दलीय और एक बसपा प्रत्याशी ने फार्म लिया। जबकि सबसे ज्यादा 18 नामांकन फार्म एटा सदर विस पर लिए गए। आरओ रवि प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि एटा विधानसभा के लिए पहले दिन 18 नामांकन फार्म बिके। सपा दो, बीएसपी एक, कम्यूनिस्ट पार्टी एक और एक निर्दलीय शामिल है। उन्होंने बताया कि 18 नामांकन फार्म प्रत्याशियों के आठ समर्थक ले गए। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के कारण मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर अभेद किले में तब्दील दिखाई दिया। आलम यह था कि कचहरी तिराहा, आगरा रोड और बार एसोसिएशन के पास बनाई गई बैरिकेडिंग से आगे जाने के लिए कलक्ट्रेट कर्मचारियों को भी परिचय पत्र दिखाना पड़ रहा था। प्रशासन ने नामांकन फार्म की कीमत दस रुपये रखी है।