उत्तराखंड में हुई तेज बारिश और बादल फटने की घटना के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में गंगा के जलस्तर में 35 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि अभी इससे जिले के किसी इलाके में बाढ़ आने का कोई खतरा नहीं है।
गंगा में शनिवार को हरिद्वार से 100448 क्यूसेक, बिजनौर से 56894, नरौरा बैराज से 13258 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे कछला गंगा ब्रिज पर जलस्तर 162 के निशान पर जा पहुंचा है। जबकि शुक्रवार को जलस्तर 161.65 मीटर था। वहीं शुक्रवार को हरिद्वार से गंगा में जल का डिस्चार्ज 29183 क्यूसेक और बिजनौर से 22299 क्यूसेक था। मूसलाधार बारिश, बादल फटने से गंगा में उफान जारी है। वहीं उत्तराखंड में 48 घंटे के दौरान भीषण बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि अभी कासगंज के किसी भी इलाके में दिक्कत नहीं है। पर, गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने पर लो फ्लड के हालात बन सकते हैं। कछार में बसे गांव दतलाना के हरिओम मिश्र, उड़ैर के ग्राम प्रधान शंकर पाल ने बताया कि गंगा में पानी बढ़ा है। पर, अभी खतरे की कोई बात नहीं है।
इनसेट
सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता हरिराम शर्मा ने बताया कि बाढ़ नियत्रंण कक्ष गंगा के जलस्तर पर नजर रखे है। अभी खतरे का कोई संकेत नहीं है। पहाड़ों में बारिश और बादल फटने की घटना के बाद जलस्तर में वृद्धि हुई है।