एटा। जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने कहा कि कृषि विभाग फसल बीमा की स्थिति देख ले कि कितने किसानों द्वारा फसल का बीमा कराया गया है। 30 से 50 प्रतिशत खराब होने वाली फसल का क्लेम दिया जा सकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि 25 से 49 प्रतिशत तक खराब होने वाली फसल का डाटा तहसीलाें द्वारा तैयार किया जा रहा है।
डीएम गुरुवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित विशेष जिला समन्वयक कमेटी की बैठक में मौजूद अधीनस्थों को निर्देशित कर रही थीं। उन्हाेंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से जनपद में फसलों का काफी नुकसान हुआ है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 166215.55 हेक्टेयर में विभिन्न फसलें आच्छादित की गई हैं।
डीएम ने कहा कि किसानों के हित को देखते हुए शासन से मिलने वाली हर सुविधा उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में एडीएम प्रशासन लालमणि मिश्रा, लीड बैंक के अधिकारी, कॉआर्डिनेटर केके तिवारी, केपी गौड़, नाबार्ड, बैंक प्रतिनिधि आदि मौजूद थे।