जिले में करीब 320 सरकारी नलकूप स्थापित हैं, जिनमें से 181 बंद पड़े हैं। किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। लेकिन नलकूप चालकों पर दबाव बनाकर फर्जी तरीके से नलकूपों का संचालन दिखाया जाता है।
सिंचाई संघ के जरिए नलकूप ठीक कराने की चेतावनी दी है। वहीं किसान सिंचाई न होने के कारण बेहद परेशान हैं। लगातार जिले के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से नलकूप ठीक कराने की मांग कर रहे हैं। पटियाली इलाके का 41 पीजी नलकूप 28 अक्तूबर 2012 से बंद है। यह नलकूप यांत्रिक दोष से बंद है। नलकूप संख्या 15 3 जून 2013 से खराब है। वहीं कासगंज ब्लॉक का नलकूप संख्या 206, एक अक्तूबर 2013 से, नलकूप संख्या 180, 51, 132 भी दिसंबर माह से खराब हैं। वर्ष 2014 में भी पटियाली, गंजडुंडवारा, कासगंज सहित अन्य इलाकों में कई नलकूप ठप हो गए। बीते वर्ष में भी बड़ी संख्या में नलकूप बंद हुए। इस वर्ष जनवरी से अब तक 12 नलकूप और बंद हो चुके हैं। पूरे जिले में यांत्रिक खराबी के कारण 117 नलकूप बंद पड़े हैं, जबकि विद्युत दोष के कारण 64 बंद हैं।
सरकारी नलकूपों के संचालन में विद्युत विभाग भी बाधा बना हुआ है। कई नलकूपों पर विभाग ने ट्रांसफार्मर नहीं बदले हैं तो कई गांवों पर बिजली की लाइन खराब पड़ी हैं। शिकायत के बावजूद विद्युत विभाग ठीक नहीं कर रहा है। 64 नलकूपों के संचालन में विद्युत विभाग की लापरवाही आड़े आ रही है।