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162 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर लटके हैं ताले

Wed, 21 Sep 2016 05:34 PM IST
अमर ब्ययूराो एटा
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उपस्वास्‍थ्य केंद्रों पर लटका ताला - फोटो : अमर उजाला
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जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को बेहतर सुविधा देने में स्वास्थ्य विभाग फेल हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए 162 केंद्रों पर तो ताले ही लटके हुए हैं। जिसके चलते गर्भवती को शहरी क्षेत्रों में जाना होता है या फिर वे घरेलू प्रसव कराने को मजबूर हो जाती हैं। चार सालों में 26.57 प्रतिशत घरेलू हुए हैं।
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शासन ने गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव की सुविधा जनक व्यवस्था उपलब्ध कराने को ग्रामीण क्षेत्रों में 170 उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया। लेकिन इन केंद्रों का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा। इनमें से आठ उप केंद्रों पर ही प्रसव की व्यवस्था है। इसके अलावा महिला चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय एवं विकास खंडों पर बने छह स्वास्थ्य केंद्रों पर यह व्यवस्था लागू है। दूर दराज व्यवस्था होने से तमाम महिलाएं केंद्रों तक नहीं पहुंच पाती। जिससे घर पर ही वे प्रसव कराने को मजबूर हो जाती हैं।
चार साल में जिले में 122612 प्रसव हुए। इनमें से 32579 घरेलू हुए। संस्थागत प्रसव में काफी संख्या में निजी चिकित्सालय के प्रसव भी शामिल हैं। प्रसव के लिए विभाग के पास पर्याप्त व्यवस्थाएं तक नहीं हैं। मात्र दो महिला चिकित्सक ही जिले में तैनात हैं। चिकित्सक, स्टॉफ नर्स, एएनएम के स्वास्थ्य केंद्रों पर न मिलने की शिकायतें भी अक्सर सामने आती रहती हैं। जिससे गर्भवती महिलाओं को बैरंग ही लौटना पड़ता है। शनिवार को महिला चिकित्सालय, रविवार को जिला और पटियाली स्वास्थ्य केंद्र से एक एक प्रसूता दर्द से तड़पती हुई बैरंग लौट गई।
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गर्भवती को नहीं मिलता भोजन
कासगंज। स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव के बाद रुकने वाली महिलाओं के लिए शासन से लागू की गई भोजन की व्यवस्था का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पाता। परिवारीजन घर से ही भोजन लाकर व्यवस्था करते हैं।


विभाग पर नहीं है एक भी सर्जन
कासगंज। विभाग के पास एक भी सर्जन नहीं हैं। प्रसूताओं की गंभीर स्थिति सामने आने पर उनको विभाग इलाज तक नहीं दे पाता। ऐसी स्थिति में महिलाओं को रेफर किया जाता है।
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चार साल में प्रसव की स्थिति
वर्ष            संस्थागत प्रसव        घरेलू प्रसव
2013            24849            9402
2014            24948            9367
2015            35494            9595
2016 अगस्त तक    14339            4213


जननी सुरक्षा योजना के तहत महिलाओं को बेहतर सुविधा देने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। महिलाओं को योजना का पूरा लाभ दिया जाता है।
- रंगजी दुबे, सीएमओ
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