एटा। नाबालिग के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में एक महिला सहित दो लोगों को दोषी ठहराया गया है। दोनों को 12 साल की कैद की सजा सुनाई गई है।
विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट विपिन कुमार की अदालत में इस मामले में बुधवार को दंड पर सुनवाई हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता प्रभात कुमार चौहान और सर्वेश चौहान ने बताया कि धर्मेन्द्र निवासी नगला मंदा थाना सकरौली और उर्मिला निवासी बदनपुर थाना सकरौली के विरुद्ध 2 जनवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि उर्मिला गांव की नाबालिग किशोरी को बाजार के बहाने अपहृत कर ले गई। जिसके साथ बाद में धर्मेंद्र ने दुष्कर्म किया। दोनों को पोक्सो एक्ट में दोषी ठहराते हुए अदालत ने 12 साल के कठोर करावास और 1.60 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है।
नशीले पाउडर के स्लायर को एक साल की सजा
एटा। कोतवाली नगर पुलिस ने माया पैलेस चौराहा के पास से 27 जुलाई 2011 को मंतोष कुमार गुप्ता निवासी मोहल्ला आर्यनगर थाना कोतवाली नगर को पकड़ा था। उसके पास से 150 ग्राम नशीला पाउडर डायजापाम मिला था। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट सुबोध भारती की अदालत में बुधवार को उसे दोषी ठहराया गया। जिसे एक साल के कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।