एटा। जिले में 32 हजार से ज्यादा लोगों पर शस्त्र लाइसेंस हैं। इसमें 117 आपराधिक छवि के लोग भी लाइसेंस बनवाने में कामयाब रहे थे। इनके लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
जिले में 32902 लोगों के पास एक नाली, दुनाली, पिस्टल, रायफल सहित अन्य हथियारों के लाइसेंस हैं। इनमें से कई माननीय भी हैं जिन पर स्वयं और परिवार पर 18-18 तक शस्त्र लाइसेंस हैं। शासन के फरमान पर इन्हें केवल तीन शस्त्र लाइसेंस रखने और शेष को सरेंडर करने को कहा गया है।
इस पर कई माननीयाें ने अपने शस्त्र लाइसेंस सरेंडर किए हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लाइसेंसी असलहा जमा कराना पुलिस-प्रशासन के लिए कड़ी चुनौती है। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने सभी शस्त्र धारकों को ताकीद की है कि वह जल्द अपने शस्त्र लाइसेंस जमा करा दें, अन्यथा ऐसे लोगों के लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही रिपोर्ट दर्ज करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
इन्हें दी गई अनुमति
जिले में 5074 शस्त्र लाइसेंस धारक ऐसे हैं जो दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, हरियाण आदि शहरों में सिक्योरिटी गार्ड, बैंक और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में तैनात हैं। इन्हें कार्य स्थल के कार्यालयाध्यक्ष की अनुमति पर शस्त्र लाइसेंस को रखने की अनुमति प्रदान की गई है। बशर्ते कि वह अपने शस्त्र लाइसेंस को चुनाव के दौरान जिले में नहीं लाएंगे।
यह हैं आंकड़े
कुल जिले में शस्त्र लाइसेंस: 32092
अब तक जमा शस्त्र लाइसेंस:-17000
लाइसेंस धारक मृत व्यक्ति:-401
जिन्हें शस्त्र रखने की अनुमति दी गई:-5074
निरस्त होने वाले शस्त्र लाइसेंस:-117
जिले में 32 हजार से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस हैं इनमें से अब तक 17 हजार के करीब जमा हो चुके हैं। वहीं करीब पांच हजार शस्त्र धारकों को गार्ड की नौकरी के चलते असलहा रखने की अनुमति दी गई है। 117 आपराधिक छवि के लोगों के शस्त्र लाइसेंस बन गए थे, इन्हें निरस्त कराने की प्रक्रिया चल रही है।
सुनील कुमार सिंह, एसएसपी