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ईओ आत्महत्या: इस अधिकारी ने मौत से पहले मणि मंजरी से मोबाइल पर की थी बात, पूछताछ में सामने आ सकते हैं कई महत्वपूर्ण तथ्य

Mon, 13 Jul 2020 10:25 PM IST
विचित्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
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मणि मंजरी राय (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
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बलिया के मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय की मौत के मामले में मंगलवार को कई राज पर से पर्दा उठ सकता है। मंगलवार को नायब तहसीलदार रजत सिंह पुलिस को अपना बयान दर्ज करा सकते हैं। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बयान उन्हीं का माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने मणि मंजरी की मौत से ऐन पहले उससे काफी देर तक मोबाइल पर बात की थी।
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इसी बातचीत के बाद उन्होंने मणि मंजरी के पड़ोसियों को यह कहते हुए फोन किया था कि जल्दी जाइए, उसे बचा लीजिए, वह बहुत तनाव में हैं और कुछ कर जाएंगी। हालांकि पड़ोसियों के पहुंचने से पहले ही मणि मंजरी फांसी पर लटक चुकी थी। इस मामले में मनियर नगर पंचायत अध्यक्ष भीम गुप्ता, कंप्यूटर बाबू अखिलेश व बड़े बाबू विनोद सिंह के घर पर भी सोमवार को नोटिस चिपकाया गया।

इसमें कहा गया है कि आप लोग 14 जुलाई को कोतवाली बलिया में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराएं। इस बीच यह भी सूचना है कि सोमवार की देर रात मणि मंजरी के परिवार के लोग भी अपना बयान दर्ज करा सकते हैं।
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शहर कोतवाल विपिन सिंह के अनुसार तीन बिंदुओं पर जांच चल रही है। सभी पहलुओं को देखते हुए अभी सबके बयान दर्ज कराए जा रहे हैं। सोमवार की रात में बयान दर्ज कराने के लिए मणि मंजरी के परिवार के लोगों को बुलाया गया है। मंगलवार को बयान दर्ज कराने के लिए नायब तहसीलदार रजत सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष भीम गुप्ता, बाबू अखिलेश व विनोद सिंह को नोटिस भेजा गया है। कोतवाल ने कहा कि जांच में पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
 
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बैरिया से बाइक से ही चले आए थे नायब तहसीलदार

बैरिया तहसील से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मणि मंजरी से बातचीत के बाद नायब तहसीलदार रजत सिंह इतने अपसेट हो गए थे कि उन्होंने अपने चालक का इंतजार तक करना मुनासिब नहीं समझा और बाइक से ही बलिया के लिए रवाना हो गए थे। मणि मंजरी की आत्महत्या के बाद मौके पर जुटे अधिकारी और पुलिस भी रजत के रोने-पीटने के तरीके पर हैरान रह गए थे।

वे अधिकारियों के लाख समझाने के बाद भी लगातार चिल्लाए जा रहे थे और बार-बार मणि मंजरी के घर में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। तब अधिकारियों ने काफी मुश्किल से उन्हें काबू में किया था। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि यहां से लौटकर बैरिया पहुंचने के बाद भी वे अपने आवास में काफी देर तक रोते नजर आए थे। 
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