निलंबित आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल जल्द ही यूपी सरकार को जवाब दे सकती है।
चार्जशीट मिलने के बाद दस दिन के भीतर जवाब देना जरूरी होता है। यह मियाद अगले हफ्ते मंगलवार को पूरी होगी। अगर प्रदेश सरकार उनके जवाब से संतुष्ट होती है तो वह नागपाल का निलंबन वापस भी ले सकती है।
अगर सरकार जवाब से संतुष्ट नहीं हुई और निलंबन जारी रहा तो तीन महीने केबाद केंद्र सरकार अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर नागपाल का निलंबन वापस ले सकती है।
समर्थन में मुस्लिम समुदाय
इधर दुर्गा शक्ति नागपाल के पक्ष में मुस्लिम समुदाय के लोग एकजुट होने लगे हैं।
सोमवार को ग्रेटर नोएडा के दनकौर कस्बे के हजरत सैयद भूरेशाह कमेटी के सचिव कदीर खां ने आईएएस दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन को गलत ठहराया था।
इसी के समर्थन में मंगलवार को वक्फ बोर्ड समर्थित इस कमेटी के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। दनकौर के दर्जनों लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व खुद कमेटी के सचिव कदीर खां कर रहे थे।
इन लोगों ने कहा कि धार्मिक स्थल गिराने के नाम पर एस़डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल का निलंबन गलत हुआ है। उनके निलंबन को वापस लिया जाए। प्रदर्शनकारियों ने इस सिलसिले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम एक ज्ञापन भी जिला सूचना अधिकारी को सौंपा।
उन्होंने कहा कि दुर्गा ने भूमाफिया और खनन माफिया के काले धंधों को बंद कराने के लिए अभियान छेड़ रखा था जिससे माफिया तंत्र नाराज था।
जब कादलपुर में मस्जिद की दीवार गिराने का मामला सामने आया तो भूमाफिया ने इस घटना की आड़ में उन्हें निलंबित करा दिया।