वर्ष 2015 की पूर्व संध्या से नए वर्ष का इंतजार कर रहे लोगों ने 2016 का जोरदार स्वागत किया। आधी रात को घड़ी की सूई 12 पर पहुंचते ही पूरा नगर पटाखों से गूंजने लगा।
इस अवसर पर लोगों ने आसमान में रंगबिरंगी फुलझड़ियां छोड़कर न्यू ईयर को यादगार बनाया। शुक्रवार को नए वर्ष पर नगर के युवाओं ने जमकर मस्ती की।
इस अवसर पर दुग्धेश्वरनाथ का पौराणिक स्थल पिकनिक स्पॉट में तब्दील हो गया। यहां जनपद के कोने-कोने से लोग नया साल मनाने पहुंचे। मंदिर से सटे ऐतिहासिक सहनकोट परिसर में नगर के युवक ढाल मजीरा लेकर पहुंचे। युवकों ने डीजी की धुन पर थिरक कर नए साल पर भरपूर मस्ती की।
सहनकोट परिक्षेत्र में मस्तानों की टोली थिरकने के बाद सहभोज का आनंद ले रही थी। नगर से सटा सहनकोट परिक्षेत्र आठवीं शताब्दी के राजा का किला है। किला टीलों में तब्दील हो चुका है। नए वर्ष पर युवाओं की टोली ध्वस्त किले के टीलों पर मस्ती करते देखी गई।
नए वर्ष पर दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पर अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। दिन भर मंदिर पर साल के पहले दिन लोगों का आना-जाना लगा रहा है। इस अवसर पर लोगों ने महाकाल के सदृश शिवलिंग का पूजन अर्चन कर नया वर्ष मंगलमय होने का आशीर्वादा मांगा।
मंदिर पर भीड़ के मद्देनजर पुलिस लगाई गई। मंदिर के महंत विजय शंकर ने कहा कि दुग्धेश्वर नाथ मंदिर पर हर साल नए वर्ष के पहले दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इस वर्ष जनपद के कोने-कोने से लोग भगवान शिव का दर्शन पूजन करने आए।