देवरिया। कड़ाके की ठंड के बावजूद आत्मनिर्भर बनने का जज्बा बैतालपुर की युवतियों के कदम रोक नहीं पा रहे। क्षेत्र में संचालित एक स्वयं सहायता समूह के माध्यम से युवतियां मोमबत्ती, स्वेटर डिजाइनिंग तथा अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण ले रही हैं।
प्रशिक्षण प्रदान कर रहीं विभा पांडेय युवतियों को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दे रही हैं बल्कि उन्हें बाजार की समझ, लागत और मुनाफे की जानकारी भी दे रही हैं, ताकि प्रशिक्षण के बाद वे अपने स्तर से काम शुरू कर सकें। विभा पांडेय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की युवतियों में अपार प्रतिभा है, जरूरत है तो बस सही मार्गदर्शन और अवसर की।
हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक युवतियां अपने पैरों पर खड़ी हों और परिवार की आय में सहयोग कर सकें।
ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के प्रयास न केवल युवतियों को रोजगार से जोड़ रहे हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल भी पेश कर रहे हैं। बैतालपुर की ये युवतियां साबित कर रही हैं कि ठंड हो या कठिन परिस्थितियां, आत्मनिर्भर बनने का हौसला कभी नहीं थमता। प्रशिक्षण ले रहीं रीना विश्वकर्मा ने कहा पहले हमें घर बैठे कोई काम नहीं आता था।
अब मोमबत्ती और स्वेटर बनाने का प्रशिक्षण मिलने से उम्मीद जगी है कि हम खुद का छोटा काम शुरू कर सकेंगे और अपनी आमदनी कर पाएंगे।
वहीं मीना भारती ने बताया कि इस प्रशिक्षण से आत्मविश्वास बढ़ा है। अब हम सिर्फ दूसरों पर निर्भर नहीं रहेंगी। आगे चलकर समूह बनाकर बाजार में अपने उत्पाद बेचने की योजना है।
प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभा भारती, रिंकू देवी, सुमन देवी, तनु, सुनीता, निशा, अनीता, प्रीति जायसवाल, पूजा, रंजना भारती, रीना विश्वकर्मा और मीना भारती नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रही हैं।