देवरिया। सदर कोतवाली क्षेत्र में युवती के अपहरण की कोशिश के मामले में उसके अलग-अलग बयानों ने जांच की गुत्थी उलझा दी है। एफआईआर में युवती ने विकास यादव और उसके दो साथियों पर उसे गाड़ी में बैठाकर जबरन ले जाने का आरोप लगाया था।
बाद में पुलिस के सामने आए बयान में उसने विकास को पूर्व परिचित बताते हुए अपने बयानों में नरमी दिखाई है। अब पुलिस एफआईआर और बाद के बयान के बीच अंतर को जांच में स्पष्ट करने में जुटी है।
आईटीआई सोंदा के पास उसने उतरने के लिए कहा मगर युवकों ने गाड़ी नहीं रोकी। इसके बाद युवती ने शोर मचाया। सिंचाई कॉलोनी की ओर पहुंचने पर युवक गाड़ी छोड़कर भाग गए। एफआईआर की विवेचना में युवती के दोनों बयानों, वाहन के रूट, घटनास्थल और आरोपियों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण होगी। सीओ सदर संजय रेड्डी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। संवाद