देवरिया। अपना कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के सपने बैंकों के नियम-कायदे में अटक रहे हैं।
मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना के तहत जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र से पास होकर बैंकों तक पहुंचने वाली सभी फाइलों को ऋण की मंजूरी नहीं मिल पा रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में भेजी गईं 3717 फाइलों में से 1711 युवाओं को ही ऋण मिला। वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी 1475 फाइलों में से अब तक 451 युवाओं को ऋण मिल सका है।
मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना के तहत कारोबार शुरू करने के इच्छुक युवा आवेदन करते हैं। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के स्तर से प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइलें ऋण की स्वीकृति के लिए संबंधित बैंकों को भेजी जाती हैं।
उद्योग केंद्र से पास होने के बाद युवाओं को उम्मीद रहती है कि बैंक से ऋण मिलने पर वह अपने कारोबार की शुरुआत कर सकेंगे मगर बैंक स्तर पर बड़ी संख्या में फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला रोजगार केंद्र की ओर से कुल 3717 फाइलें बैंकों को भेजी गई थीं। इनमें से 1711 युवाओं को ऋण मिल सका यानी रोजगार केंद्र से बैंक तक पहुंचीं 2006 फाइलों को ऋण की मंजूरी नहीं मिली। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 1475 फाइलें बैंकों तक पहुंच चुकी हैं मगर इनमें से 451 युवाओं को ही ऋण मिला है। इस तरह 1024 फाइलें ऋण की मंजूरी तक नहीं पहुंच सकीं।
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के स्तर से फाइल पास होने के बावजूद बैंक पहुंचने पर बड़ी संख्या में आवेदन फेल हो रहे हैं।
इससे योजना के तहत अपना कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रहे युवाओं की राह मुश्किल हो रही है। ऋण नहीं मिलने के कारण उनकी कारोबारी योजना भी आगे नहीं बढ़ पा रही है। आंकड़े साफ कर रहे हैं कि रोजगार केंद्र से पास होकर बैंकों तक पहुंचने वाली फाइलों और वास्तव में ऋण पाने वाले युवाओं की संख्या में बड़ा अंतर बना हुआ है।
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