संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर से देहात तक में शुद्ध खोआ से बनी मिठाई और पनीर मिलना मुश्किल हो गया है। धंधेबाज इसमें जमकर मिलावट कर रहे हैं। जांच में पता चला है कि बाजार में मिल रहे अधिकतर खोआ और छेना मिलावटी हैं।
सूत्र बताते हैं कि मिलावटखोर खोआ में वजन बढ़ाने के लिए कुट्टू का आटा तो चिकनाई लाने के लिए इसमें रिफाइंड ऑयल मिला दे रहे हैं। पनीर बनाने के लिए पाउडर वाले दूध के साथ सोयाबीन के बीज को पीसकर मिलाया जाता है। ऐसे में सेहत का ख्याल खुद आपको रखना है, वरना शादी-विवाह में मटर पनीर, छेने की मिठाई, रसमलाई आदि का सेवन भारी पड़ सकता है।
जिले में रोजाना 10 लाख लीटर से अधिक दूध की खपत है। डेयरी से आने वाले पैकेट बंद दूध से भी लोगों की जरूरत पूरी हो रही है। नकली और मिलावटी दूध, दुग्ध उत्पादों के उत्पादन और बिक्री के बढ़ते मामलों को देखकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश स्तर पर इसके खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश खाद्य व औषधि प्रशासन विभाग को दिए हैं। अभियान के तहत विभाग के अलावा पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम भी इसमें शामिल रहेगी, जो नकली व मिलावटी दूध और उससे बने उत्पादों के धंधेबाजों पर कार्रवाई करेगी।
हालांकि, जनपद स्तर पर विभागीय अधिकारी इस आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
पिछले साल दीपावली के दौरान चलाए गए अभियान में खोआ की मिठाई के 90 में से दो नमूने फेल मिले हैं। इस साल होली समेत शादी-विवाह के दिनों में लगातार अधिकारी दुकानों से नमूने लिए हैं। अभी इसकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इसमें भी अधिकतर के फेल होने की ही अधिकारी भी आशंका जता रहे हैं।प