चित्रगुप्त मंदिर में पूजा करते लोग। स्रोत-सोशल मीडिया
देवरिया। चित्रगुप्त महासभा के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को भगवान चित्रगुप्त के जन्मदिन पर कायस्थ समाज के लोगों ने श्रद्धा के साथ चित्रगुप्त की पूजा की। कायस्थ कुल की उन्नति और समृद्धि की कामना की। कलम-दवात का पूजन कर जीविका के स्थायी बने रहने की कामना की। आरती के बाद प्रसाद बांटा गया। इसके अलावा घरों में कायस्थ समाज के लोगों भगवान चित्रगुप्त एवं कलम दवात का विधि विधान से पूजा अर्चना की।
पौराणिक मान्यता के अनुसार चित्रगुप्त का प्राक्ट्य यम द्वितीया के दिन ब्रह्मा जी के शरीर से हुआ था। ब्रह्मा जी की काया से उत्पन्न होने के कारण उन्हें कायस्थ कहा गया। ब्रह्मा जी ने उन्हें चित्रगुप्त का नाम देकर मनुष्यों के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा रखने के लिए यमराज के दरबार में नियुक्त किया।
कायस्थ समाज इस दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजा पूरी श्रद्धा के साथ करते हैं। अध्यक्ष ह्दयानंद श्रीवास्तव, संरक्षक अखिलेश्वर श्रीवास्तव एडवोकेट, लाल बाबू श्रीवास्तव, अरविंद कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव ककू, धनेश चंद्र श्रीवास्तव आदि ने कलम-दवात का पूजन कर आरती की।