देवरिया। शहर के नागरी प्रचारिणी सभागार में शनिवार को विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसमें वक्ताओं ने आदिवासी के देश के प्रति योगदान को याद किया। इसका आयोजन भारतवर्षीय गोंड आदिवासी महासभा देवरिया ने शनिवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) सतीश गोंड़, जिलाध्यक्ष मुंशी प्रसाद गोंड़, संरक्षक रामविलास आर्य और श्री रामधनी गोंड ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित और माल्यार्पण कर किया।
जिलाध्यक्ष मुंशी प्रसाद गोंड़ ने बताया कि पूरे विश्व में आदिवासियों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनकी सुरक्षा के लिए हर साल 09 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने सरकार से मांग किया कि विश्व आदिवासी दिवस नौ अगस्त को सरकारी अवकाश घोषित करने की मांग किया। संरक्षक रामधनी गोंड़ ने कहाकि आदिवासी ही इस देश की असली धरोहर हैं। केन्द्रीय एवं प्रांतीय सरकारों को इनकी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्तर को बढ़ाकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सतत प्रयास करना होगा।