संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरकार शहरों में हाईवे तो ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछा रही है, मगर जनपद मुख्यालय से बरहज नगर को जोड़ने वाली सोनूघाट-बरहज सड़क को धन की स्वीकृति का इंतजार है।
वहीं देवरिया-बेलडांड़ मार्ग निर्माण के एक साल के भीतर ही टूटने लगी है। इससे जनता निराश है। ओवरलोड के चलते यह सड़क भी टूट गई तो लोगों को बरहज जाने के लिए गड्ढे वाले रास्ते ही मिलेंगे। आसपास के लोगों का कहना है कि बरहज जाने वाले यह दोनों सड़क एक साथ बनाए जाते तो लोड़ दोनों पर बंट जाता।
इससे सड़कों की आयु लंबी हो जाती, मगर इसका ध्यान नहीं रखा जाता है। इसके चलते सड़कें लंबे समय तक चल नहीं पाती हैं और धन खर्च होने के बावजूद जनता को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रह है। बरहज जिले का पुराना नगर है। मुख्यालय के अलावा इस नगर में एकमात्र नगर पालिका परिषद है।
इससे होकर राम जानकी मार्ग गुजरता है। देवरिया से बड़हलगंज, आजमगढ़, मऊ और वाराणसी जाने के लिए बरहज ही मुख्य रास्ता है। इसको जोड़ने वाली मुख्य सड़क सोनूघाट-बरहज मार्ग करीब एक दशक पहले बनी थी। इस सड़क पर भारी यातायात का भारी दबाव है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इसके चलते साइकिल की गति से कार और भारी वाहन चलते हैं। करीब एक साल पहले देवरिया-बेलडांड़ मार्ग बनकर तैयार हो गया।