संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। आधुनिकता के युग में विद्युत निगम ने भी स्मार्ट तकनीक पर कार्य करने की पहल शुरू कर दी है। इसके लिए जिलेभर के उपभोक्ताओं के डिजिटल मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलने का कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में विद्युत सब स्टेशन, दूसरे चरण में विद्युत ट्रांसफार्मरों पर स्मार्ट मीट लगाने के बाद तीसरे चरण में सरकारी भवनों में मीटरों में स्मार्ट मीटर लगना शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत गौरीबाजार के हिंरदापुर सरकारी भवन से शुरु हुई है। इसके बाद से अन्य सरकारी भवनों में भी स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
देवरिया में विद्युत चोरी पर लगाम लगाने को विभाग ने कवायद शुरू कर दिया है। जिले में चरणवार स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। जिले के विद्युत उपकेंद्रो के फीडर पर 4 जी स्मार्ट मीटर लगाने के बाद दूसरे चरण में 21 हजार ट्रांसफार्मरों पर स्मार्ट मीटर लगाया गया। जिससे बिजली की वास्तविक खपत के बारे में आलाधिकारियों को जानकारी हो सकेगी। देवरिया, सलेमपुर, भाटपार रानी, बरहज और गौरीबाजार विद्युत वितरण मंडल में 4 लाख 70 हजार विद्युत उपभोक्ता है। इन उपभोक्ताओं को जिले के 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के 149 फीडरों से जिले के लगभग 20918 विद्युत ट्रांसफार्मरों को बिजली की आपूर्ति होती है। उपभोक्ताओं के घरों के मीटर लगे हुए थे, लेकिन ट्रांसफार्मर और उपकेंद्र के फीडर पर मीटर नहीं होने से बिजली के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही थी। जिससे जिले में बिजली की क्षति दिखाकर चोरी किया जा रहा था। इसे देखते हुए विभाग ने 4 जी स्मार्ट मीटर लगाया गया। विभाग ने जीनस पॉवर सल्यूशंस लिमिटेड कंपनी को जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य सौंपा है। तीसरे चरण में सरकारी भवनों पर स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद शुरु हो गई है। इसकी शुरुआत जिले के विद्युत वितरण खंड गौरी बाजार के अंतर्गत ग्राम पंचायत भवन हिरंदापुर पर शुक्रवार से हुआ। विद्युत वितरण खंड गौरी बाजार के अधिशासी अभियंता वीके सिंह ने बताया कि 1 किलो वाट से लेकर 4.99 किलो वाट तक सिंगल फेज के मीटर लगेंगे। 5 किलो वाट से ऊपर के थ्री फेज मीटर लगेंगे। उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर का एक ऐप दिया जाएगा। जिस पर आप अपनी सारी सूचनाओं को प्राप्त करते रहेंगे तथा प्रत्येक माह की पहली तारीख को अपने आप आपका बिल बन जाएगा। कोई मीटर रीडर आपके दरवाजे पर नहीं जाएगा तथा उसका भुगतान भी आप स्वयं इस एप के माध्यम से कर सकते हैं। यह स्मार्ट मीटर नेट मीटर, प्रीपेड मीटर एवं पोस्टपेड मीटर की तरह कार्य करेगा। इसके बाद आखिरी चरण में कंपनी द्वारा लोगों के घरों में मीटर लगाएं जाएंगे। जिससे उपभोक्ताओं को भी इस मीटर के लगने से कई सुविधा मिल सकेंगी। ट्रांसफार्मर पर मीटर लगने से मोहल्ले और गली में उपभोग किए जा रहे बिजली के खपत के बारे में जानकारी मिल सके।