उसका बाजार। नगर पंचायत के आद्या नगर स्थित गांधी चबूतरा मैदान में सोमवार की शाम मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने होलिका दहन के लिए विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। यहां होलिका पूजन की परंपरा सौ वर्ष से अधिक समय से चली आ रही है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, राक्षस हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र, विष्णु भक्त प्रह्लाद को मारने के लिए वरदान प्राप्त अपनी बहन होलिका के गोद में उन्हें बैठाकर जलाने का प्रयास किया था। उस आग में होलिका जलकर मरी, जबकि प्रह्लाद सुरक्षित रहे। तभी से होलिका दहन की परंपरा मनाई जा रही है।
उसका बाजार में होलिका पूजन के अवसर पर मारवाड़ी समाज की महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर शामिल हुईं। उन्होंने होलिका को रक्षा सूत्र लपेटकर पूजा अर्चना की और उपलों की माला पहनाई। पूजा के बाद महिलाएं अबीर-गुलाल और धूप-दीप से एक-दूसरे को रंग लगाकर त्योहार का आनंद मनाती रहीं। पूजन के दौरान महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि बढ़ाने और दुख-कष्टों से दूर रहने की प्रार्थना करती हैं। उनका मानना है कि इस पूजन से पूरे वर्ष घर में शांति और सुख बना रहता है।