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चार्ज को लेकर भिड़ी महिला अध्यापक, संघर्ष में आठ घायल

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चार्ज के लिए भिड़ी महिला अध्यापक, आठ घायल
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गौरीबाजार के जूनियर हाईस्कूल इंदूपुर का है मामला
कराया उपचार, चाकू-फरसा भी चलने की बात कही गई
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शिक्षा का मंदिर बुधवार को संघर्ष का मैदान बन गया। प्रधानाध्यापक पद को लेकर हुए संघर्ष में आठ लोग घायल हो गए। मामला गौरीबाजार थानाक्षेत्र के जूनियर हाईस्कल इंदूपुर प्रथम का है। सभी का घायलों का उपचार कराया गया। जानकारी होने पर बीईओ गौरीबाजार और बीएसए ने विद्यालय पर पहुंचकर हाल जाना।
जूनियर हाईस्कूल इंदूपुर प्रथम में प्रधानाध्यापक पद को लेकर विवाद चल रहा है। इसी गांव की रहने वाली पूनम सिंह और कुसुम सिंह के बीच वरिष्ठता को लेकर विवाद चल रहा है। 29 जनवरी से यह विवाद और गहरा गया। मामले की जानकारी बीईओ को दी गई। लेकिन उन्होंने कोई हल नहीं निकाला। बताया जा रहा है कि कुसुम सिंह चार फरवरी को अवकाश पर चली गईं और मंगलवार को लौटीं। उन्होंने इसी विद्यालय में सहायक अध्यापक अपने बेटे को जार्च दे दिया। आरोप है कि कुसुम सिंह बैक डेट से हस्ताक्षर बना रही थीं। बुधवार को सुबह 10 बजे पूनम सिंह ने इसका विरोध किया। इसको लेकर विवाद हो गया। दोनों पक्षों के लोग लाठी, फरसा और चाकू लेकर स्कूल में पहुंच गए। खूनी संघर्ष में एक पक्ष की पूनम सिंह (50), अमित सिंह (28), दीपक सिंह (40), आदित्य सिंह (25), अंकित सिंह (27) और दूसरे पक्ष के आलोक सिंह, नवनीत सिंह, संजय सिंह सहित कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन सभी को सीएचसी गौरीबाजार पहुंचाया गया। वहां से स्थिति गंभीर देखकर दीपक सिंह, अमित सिंह और आदित्य सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बाबत गौरीबाजार के थाना प्रभारी विजय सिंह गौर ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर जांच-पड़ताल की गई। तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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यह है मामला
खंड शिक्षा अधिकारी गौरीबाजार ज्ञानचंद मिश्र ने बताया कि कुसुम सिंह पिछले तीन साल से विद्यालय में वरिष्ठता के आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक पद पर कार्यरत रहीं। कुछ दिनों पूर्व बीएसए ने पूनम सिंह को कार्यभार ग्रहण करने का आदेश दिया। इसके विरोध में दूसरे पक्ष के लोगों ने न्यायालय की शरण ले ली। दोनों पक्षों के बीच पदभार ग्रहण करने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव के साथ मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। इसमें मेरे स्तर से कोई गलती नहीं है। बीएसए इस मामले का निस्तारण करेंगे। स्कूल में विवाद करना ठीक नहीं था।
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