अपनी कमी छिपाने को शिक्षकों ने लिख दिया ब्लैक बोर्ड पर उत्तर
जिले के 2625 परिषदीय विद्यालयों में संपन्न हुई लर्निंग आउटकम की परीक्षा
कक्षा तीन से आठवीं के कुल 1,45,910 छात्र रहे पंजीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। लर्निंग आउट कम की परीक्षा बुधवार को जिले के 1877 प्राथमिक, 737 उच्च प्राथमिक एवं 13 कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में अव्यवस्थाओं के बीच संपन्न हुई। कई केंद्रों पर पूरे प्रश्न पत्र ही नहीं पहुंचे थे, वहीं, कुछ जगहों पर तो प्रश्न पत्रों का उत्तर ब्लैक बोर्ड पर लिखा हुआ मिला।
बच्चों के साथ ही शिक्षकों की क्षमता जांचने के उद्देश्य से लर्निंग आउट कम की परीक्षा बुधवार को परिषदीय स्कूलों में हुई। इसमें कक्षा तीन से आठवीं में अध्ययनरत छात्रों ने प्रतिभाग किया। सुबह 10:30 से दोपहर 12:30 के बीच हुई परीक्षा में जिले में कुल 1,45,910 छात्र पंजीकृत रहे। बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव सहित कई ब्लॉकों के बीईओ ने कई स्कूलों का निरीक्षण कर परीक्षा का जायजा लिया। डायट की ओर से तैयार किए गए प्रश्न पत्रों में कई के तो उत्तर शिक्षकों को भी पता नहीं थे। कई जगहों पर तो अपनी कमी छिपाने को शिक्षकों ने ब्लैक बोर्ड पर ही कुछ प्रश्नों के उत्तर लिख दिए, हालांकि, कुछ देर बाद इसे मिटा दिया गया। परीक्षा की निगरानी कर रहे जिला समन्वयक प्रशिक्षक रामायण जायसवाल ने बताया कि कुल 2625 केंद्रों पर यह परीक्षा हुई।
अधिकांश स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति रही कम
तरकुलवा। क्षेत्र के कई परिषदीय स्कूलों में निरीक्षण न होने का फायदा शिक्षकों ने उठाया। उन्होंने परीक्षा के दौरान प्रश्नों के उत्तर ब्लैक बोर्ड पर लिख दिए। हालांकि, बच्चों के नामांकन के तुलना में उपस्थिति बहुत कम रही। ब्लॉक के अधिकांश उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन के सापेक्ष परीक्षा में 50 प्रतिशत से कम छात्र उपस्थित रहे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय तरकुलवा पर कक्षा 6, 7 और 8 में कुल 326 छात्रों में 155 छात्र उपस्थित रहे। कोंहवालिया जूनियर पर106 में 62, कोटवा में 111में 58 छात्र शामिल रहे। बीईओ डीएन चंद ने बताया कि परीक्षा में उपस्थिति कम की शिकायत मिली है। इसको दुरुस्त किया जाएगा।
146 केंद्रों पर अव्यवस्था के बीच हुई लर्निंग आउटकम की परीक्षा
भाटपाररानी। क्षेत्र प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लर्निंग आउटकम की परीक्षा अव्यवस्था के बीच संपन्न हुई। इसके लिए कुल 146 केंद्र बनाए गए थे। एबीआरसी अजय सिंह ने बताया कि कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों के सापेक्ष प्रश्नपत्र कम भेजे गए थे। इससे अव्यवस्था उत्पन्न हो गई। उधर, बीईओ लक्ष्मी नारायण ने बताया कि पर्यवेक्षकों की सूझबूझ से परीक्षा संपन्न करा ली गई।
बच्चों के प्रश्नपत्र देख परेेेशान हुए गुरुजी
परिषदीय स्कूलों में हुई लर्निंग आउटकम की परीक्षा
कक्षा तीन से आठ तक के छात्र हुए शामिल
रुद्रपुर। परिषदीय स्कूलों के छात्रों को हाईटेक बनाने बुधवार को लर्निंग आउटकम परीक्षा हुई। छात्रों को मिले प्रश्नपत्र को देख गुरुजी भी परेशान हो गए। जूनियर की कक्षाओं के प्रश्नपत्रों के सवाल में छात्र और शिक्षक उलझे रहे। परीक्षा में परिषदीय स्कूलों के कक्षा तीन से आठ तक के छात्र शामिल हुए।
क्षेत्र के प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में सुबह 10.30 बजे से लर्निंग आउटकम की परीक्षा शुरू हुई। उपजिलाधिकारी संजीव कुमार उपाध्याय ने परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। माह अक्टूबर में लर्निंग आउटकम परीक्षा पहली बार आयोजित हुई थी। पूर्व में हुई परीक्षा के परिणाम में देवरिया जिले को पहला स्थान मिला था, जिसको देख इस बार शिक्षक और छात्र परीक्षा को लेकर तैयार रहे। जूनियर की कक्षा छह, सात और आठ में पर्यावरण, सामाजिक विज्ञान और गणित के प्रश्न कठिन रहे। छात्रों को प्रश्नों का जवाब देने के लिए माथापच्ची करनी पड़ी। बीईओ गोपाल शरण मिश्र ने कहा कि दूसरी बार आयोजित लर्निंग आउटकम की परीक्षा से छात्र और शिक्षकों में उत्साह है। परीक्षा से शिक्षण कार्यों में भी सुधार हो रहा है। रुद्रपुर और बैतालपुर ब्लॉक क्षेत्र के स्कूलों में परीक्षा ठीक ढंग से पूरी हुई। उत्तर पुस्तिका की जांच कर आन लाइन परिणाम जारी किए जाएंगे।