शिशु को अस्पताल में छोड़ गई मां, सिपाही गोद लेने को काटता रहा चक्कर
देवरिया। जिला अस्पताल परिसर में एक माह के शिशु को लावारिस हाल में छोड़कर महिला फरार हो गई। लोगों की सूचना पर चाइल्ड लाइन ने शिशु को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। उसे शेल्टर होम भेजने की तैयारी की जा रही है। उधर, सिद्धार्थनगर में तैनात एक सिपाही ने शिशु को गोद लेने की इच्छा जताई तो अधिकारियों ने नियमों का हवाला देकर निराश कर दिया। सिपाही की पत्नी और उसकी बहन दिन भर चाइल्ड लाइन के अधिकारियों और अस्पताल का चक्कर काटती रह गईं, लेकिन उन्हें कानूनी दांव-पेच के कारण पालन पोषण के लिए नहीं दिया गया।
जानकारों के अनुसार, जन्म के एक माह के पश्चात शिशु को लावारिस हाल में छोड़ देकर परित्याग करना अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसी मां के खिलाफ धारा 317 आईपीसी का केस दर्ज होना चाहिए। इसके अलावा धारा 318 आईपीसी का भी मामला बनता है। किसी शिशु को जीवित फेंकना भी अपराध है। उधर, चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक सुनील तिवारी के अनुसार अस्पताल परिसर में एक शिशु के लावारिस पड़े होने की सूचना पर उसे कब्जे में लेकर जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। इस मामले में विधिक कार्रवाई करने के उपरांत शिशु को शेल्टर होम, गोरखपुर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ लोग शिशु को गोद लेना चाहते हैं, लेकिन विधिक प्रक्रिया के तहत सेंट्रल अडाप्शन रिसोर्स अथारिटी (कारा) से ही गोद ले सकते हैं, इस वजह से उन्हें नहीं दिया गया। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत ही गोद लेने का सुझाव दिया।