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Deoria News: सभी विस सीटों पर कब्जा होने के बाद भी लाखों के जीत का अंतर सिमटा हजारों में

Wed, 05 Jun 2024 02:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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सत्ताधारी दल के पांचों विधायकों के क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी ने दिखाया दमदख
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। लोकसभा चुनाव में देवरिया की सीट पर भाजपा ने अपना कब्जा बनाए रखा। पर सत्ताधारी दल का पांचों विधानसभा क्षेत्र पर कब्जा है। माननीयों के गढ़ में इस बार जीत का अंतर हजारों में सिमट कर रह गया, जबकि पिछले चुनाव में डॉ. रमापति राम त्रिपाठी विजयी हुए थे, उन्होंने करीब ढाई लाख मतों से जीत दर्ज की थी।
देवरिया लोकसभा सीट पर पिछले दो बार से लगातार भाजपा का कब्जा रहा है। इस क्षेत्र में जिले का देवरिया सदर, रामपुर कारखाना, पथरदेवा और कुशीनगर जिले का फाजिलनगर व तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। सभी विधायक भाजपा के हैं। इसमें पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सूर्यप्रताप शाही प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। भाजपा ने पिछले चुनाव में डॉ. रमापति राम त्रिपाठी को मैदान में उतारा था। उनको 5,80,644 मत मिले थे, जबकि दूसरे स्थान पर रहे सपा व बसपा गठबंधन से बसपा उम्मीदवार नियाज अहमद को 3,30,713 मत मिले थे। भाजपा प्रत्याशी ने 2,49,931 मतों से जीत दर्ज की थी। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र 51,056 मत मिला था। इस बार के चुनाव में भाजपा ने सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए पारिवारिक राजनीतिक बैकग्राउंड के स्वच्छ छवि के शशांक मणि त्रिपाठी को मैदान में उतारा था। सभी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा का कब्जा होने के बावजूद उन्हें चुनौती का सामना करना पड़ा।
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माननीयों के अलावा संगठन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के मनोयोग से चुनाव में जी-जान लगा दिया था। सभी जीत को लेकर आश्वस्त थे, पर जीत का पिछला अंतर बरकरार नहीं रख सके। आंकड़ा लाखों से घट कर 35,842 हजार के अंदर ही सिमट कर रह गया।
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मतगणना के दौरान अटकी रही सांस
मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी शशांक मणि त्रिपाठी और गठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी अखिलेश प्रताप सिंह के पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की सांसें अटकी रहीं। भाजपा प्रत्याशी ने प्रथम राउंड में ही 542 की बढ़त बना ली। इसके बाद ग्राफ बढ़ता ही गया। भाजपा प्रत्याशी का अंतर 10वें राउंड में 21,856 पहुंच गया। इसके बाद कम होने पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की सांस अटक गई, लेकिन 16वें राउंड से फिर बढ़त बनाने के बाद सभी उत्साहित हो गए। इस दौरान गठबंधन के कार्यकर्ता व समर्थक जोश में रहे, लेकिन भाजपा का ग्राफ तेजी से चढ़ने के बाद उनकी सांसें अटकी रहीं।
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