निर्विवाद वरासत प्रकरण के लंबित न होने का देंगे प्रमाणपत्र
देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जिले में वरासत दर्ज करने का विशेष अभियान बीस जून तक चलेगा। इसके तहत निर्विवाद वरासत प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया जाएगा। साथ ही राजस्व अधिकारियों को अपने क्षेत्र में एक भी निर्विवादित वरासत दर्ज करने के प्रकरण के लंबित नहीं होने का प्रमाणपत्र भी देना होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य को सभी अधिकारी शासन की मंशा के अनुसार क्रियान्वित करें। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि 26 मई तक राजस्व/तहसील अधिकारियों की ओर से भ्रमण कर राजस्व गांवों में प्रचार-प्रसार तथा खतौनियों को पढ़ा जाएगा। लेखपाल की ओर से वरासत के लिए प्रार्थनापत्र प्राप्त कर उन्हें ऑनलाइन भरा भी जाएगा। 27 से 31 मई तक लेखपाल की ओर से ऑनलाइन जांच की प्रक्रिया के अनुसार आग्रह पर कार्रवाई की जाएगी। एक से सात जून तक राजस्व निरीक्षकों की तरफ से जांच एवं आदेश पारित करने की प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा।
आठ जून से राजस्व निरीक्षक की ओर से नामांतरण आदेश को आर-6 में दर्ज करने के बाद खतौनी की प्रविष्टियों को भूलेख सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा। 15 से 17 जून तक जिलाधिकारी की ओर से प्रत्येक लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार तथा उप जिलाधिकारी से इस आशय का प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाएगा कि उनके क्षेत्र के अंतर्गत स्थित राजस्व ग्रामों में निर्विवाद उत्तराधिकारी वरासत का कोई भी प्रकरण दर्ज होने से अवशेष नहीं है। 18 से 20 जून तक अभियान के तहत जिले के प्रत्येक तहसील के 10 प्रतिशत राजस्व ग्रामों को चिह्नित करते हुए एडीएम, एसडीएम व अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों की ओर से इस तथ्य की जांच कराई जाएगी कि निर्विवाद उत्तराधिकार का कोई प्रकरण दर्ज होने से शेष नहीं बचा है।