देवरिया। आयुक्त के निर्देश पर औषधि निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने रविवार को सलेमपुर बाजार में थोक दवा की दुकानों का सत्यापन किया। इस दौरान कई दुकानें मौके पर बंद मिलीं। जांच में पता चला कि बताए गए पते पर संचालक लंबे समय से कारोबार नहीं कर रहे हैं, जबकि अभिलेखों में उनका संचालन दर्शाया जा रहा है। विभागीय सत्यापन में सामने आई इस लापरवाही से दवा कारोबार में खलबली मच गई।
औषधि निरीक्षक के अनुसार, सलेमपुर बाजार में करीब 40 थोक दवा की दुकानें संचालित हैं। इनमें करीब एक दर्जन दुकानें ऐसी मिली हैं, जिनके केवल कागजों में संचालित होने की बात सामने आई है। सत्यापन के दौरान संबंधित दुकानों पर ताले लटके मिले।
अगल-बगल के दुकानदारों से बात करने पर पता चला कि लंबे समय से कारोबारी अपना कारोबार बंद कर चुके हैं। जिसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने ऐसी दुकानों को चिह्ति कर लिया है।
औषधि निरीक्षक के शहर में पहुंचने की जानकारी मिलते ही नियमों को ताक पर रखकर थोक दवा का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया।
विभाग अब अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान कर कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। औषधि निरीक्षक के अनुसार, जिन दुकानों का लाइसेंस होने के बावजूद मौके पर निर्धारित तरीके से संचालन नहीं पाया गया, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।