गेहूं खरीद के लिए लगेगा सीसीटीवी कैमरा
धान की खरीद में गड़बड़ियां आने के बाद शासन ने लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। धान क्रय क्रेंद्रों में हुई धांधली एवं राशन माफियाओं की खेल के बाद पहली अप्रैल 2020 से की जाने वाली गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्रों पर हाईटेक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है। क्रय केंद्रों पर कम्प्यूटर, लैपटॉप, आईपैड, नेट आदि के इंतजाम किए जाने की कवायद शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो अब पूरी खरीद की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जाएगी। गेहूं खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए खरीद एवं भुगतान को ऑनलाइन कर दिया गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार अभी क्रय नीति जारी तो नहीं हुई है। क्रय नीति में सभी सरकारी क्रय केंद्रों पर ई-उपार्जन की व्यवस्था करने एवं सीसीटीवी कैमरा लगाएं जाने की तैयारी है। शासन के निर्देश पर गेहूं खरीद की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। किसानों का सारा डाटा क्रय केंद्रों पर मौजूद रहेगा। केवल आधार नंबर डालते ही सारा ब्योरा सामने आ जाएगा। डिप्टी आरएमओ जितेंद्र यादव ने बताया कि शासन के निर्देश पर क्रय केंद्रों का निर्धारण कर सभी संसाधनों से युक्त करने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि गेहूं की खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए खरीद को हाईटेक करने की कवायद चल रही है।
1925 रुपये में खरीदा जायेगा गेहूं
देवरिया। खरीद के मामले में सरकार द्वारा किए जा रहे नित नए नए प्रयोग से परेशान कुछ केंद्र प्रभारी अपना केंद्र नहीं बनाने के लिए अपना आवेदन क्रय एजेंसियों को दे रहे हैं। कुछ क्रय प्रभारियों ने बताया कि एक तरफ जहां सरकार पारदर्शिता की बात करती है वहीं, दूसरी तरफ निचले स्तर पर व्याप्त धांधली और तमाम विसंगतियों का खामियाजा क्रय प्रभारियों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार इस बार 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद करेगी, जबकि पिछली बार 1840 रुपये ही सरकारी रेट था। सरकार ने इस बार 85 रुपये की बढ़ोत्तरी की है।
पोर्टल पर पंजीकृत किसान ही बेच सकेंगे गेहूं
देवरिया। खाद्य विपणन विभाग की ओर से जिले में गेहूं की खरीद के लिए 121 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। यहां एक अप्रैल से 15 जून के बीच किसान अपनी पैदावार बेच सकेंगे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी जितेंद्र यादव ने कहा कि गेहूं की बिक्री के लिए विभाग के पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। सहज जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे या स्वयं ही किसान खाद्य विभाग के पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। इस साल ओटीपी आधारित पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। पंजीकरण के दौरान किसान के पास मोबाइल, कम्प्यूटराइज्ड खतौनी, फोटो युक्त पहचान पत्र, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ व आधार कार्ड की छाया प्रति होना जरूरी है। किसानों को पंजीकरण में दर्ज अपने कुल रकबा, गेहूं बुवाई का रकबा भरना होगा। आईएफएससी कोड भरने में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। पोर्टल पर मोबाइल एसएमएस के जरिए प्राप्त ओटीपी भरकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।