देवरिया। शहर के रामलीला मैदान में श्रीमद् भागवत कथा छठवें दिन बृहस्पवितार को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया। भगवान का लीला वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा का रसपान कराते हुए व्यास साध्वी भाग्यश्री भारती ने कहाकि भगवान श्रीकृष्ण अपने जीवन से हमें अनेक शिक्षा दिए। उन्होंने कहाकि श्रीकृष्ण
के सिद्धांतों को आज हमने धारण किया होता तो आज हमारे देश में गौ मां की स्थिति बहुत ही अच्छी होती।
वह भारत देश जहां विप्र धेनु सुर संत हित भगवान समय-समय पर अवतार धारण करते हैं, उस भारत में आज गाय की इतनी अवहेलना हो रही है। इसके पीछे एक ही कारण है कि हम गौ मां की महानता को अभी तक जान ही नहीं पाए। उन्होंने कहाकि हमारी गौ संस्कृति दुनिया की श्रेष्ठ संस्कृति है, सबसे महान संस्कृति है।
कंस वध प्रसंग सुनाते हुए साध्वी जी ने बताया कि द्वापर युग में तो एक कंस था, जिसका वध भगवान श्री कृष्ण जी ने किया। किंतु आज मन के पीछे लगे अधिकतर मानव कंस की भूमिका बड़ी सहजता से निभा रहे हैं।