खुखुंदू। सेल्हरापुर में सूफी संत सैयद यासीन शाह की दरगाह पर 45वें सालाना उर्स में बृहस्पतिवार को बाबा का गुस्ल रस्म अदायगी की गई। इस दौरान बाबा का सबसे पहले इत्र और गुलाब जल से गुस्ल (स्नान) कराकर फिर संदल का लेप लगाकर चादरपोशी की रस्म की शुरुआत की गई।
फिर दरगाह प्रमुख और मुरीद गणों ने बाबा की दरगाह पर नई चादर पेश की। दूर-दराज से पहुंचे जायरीन भी दिनभर मन्नतों की चादर चढ़ाते रहे। सेल्हरापुर में प्रसिद्ध सूफी संत सैयद यासीन शाह का दरगाह है। जहां इन दिनों सालाना उर्स चल रहा है।
दरगाह प्रमुख शकील अहमद शाह, मेंहदी हसन शाह, सैयद नूर हसन शाह अपने मुरीद गणों के साथ मिलकर दरगाह पर मन्नतों की चादर पेश की। इस दौरान मुुंबई, बंगाल, दिल्ली, मध्यप्रदेश के भिंड, एटा, औरया, पटना, अलीगढ़, सिवान, गोपालगंज, सतीपुर उन्नाव, मुरादाबाद, गोरखपुर , देवरिया सहित अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे जायरीनों ने बाबा की खिदमत में चादर पेश किया।