भागलपुर। सरयू नदी में चार दिन से लगातार पानी बढ़ रहा है। 24 घंटे में पांच सेमी सरयू के पानी में इजाफा हुआ है। तूर्तीपार गेज पर बुधवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर 62.38 मीटर दर्ज किया गया।
यहां चेतावनी बिंदु 63.10 मीटर से नदी 72 सेंटीमीटर नीचे है। खतरा बिंदु 64.10 मीटर से नदी एक मीटर 72 सेंटीमीटर नीचे है। नदी का पानी अब आसपास के दियारा (देवारा) क्षेत्र में फैलने लगा है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए तटवर्ती ग्रामीणों में दहशत है।
केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी तुर्तीपार गेज पर निगरानी कर रहे हैं। सुबह आठ और शाम चार बजे जलस्तर मापा जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार, नदी का जलस्तर 24 घंटे में पांच सेमी बढ़ा है। अभी इसके और बढ़ने की संभावना है।
एक दशक पहले देवसिया गांव के सौ मीटर पश्चिम में हुए कटानरोधी कार्य के बोल्डर पानी के दबाव से उखड़ कर नदी में विलीन हो रहे हैं। यह स्थिति बाढ़ आने पर संकट पैदा कर सकती है।
2015 में देवसिया गांव को बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से करीब पांच करोड़ की लागत से कटानरोधी कार्य कराए गए थे, जो सरयू की धारा में हर साल टूट कर विलीन हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ खंड ने इसकी मरम्मत तक नहीं कराई। ग्रामीणों का कहना है कि बोल्डर टूटकर पानी में विलीन होने से बाढ़ के समय सरयू नदी का पानी सीधे देवसिया गांव पर दबाव बनाने लगेगा।
उधर, छित्तूपुर से भागलपुर तक 11 करोड़ की लागत से बचाव कार्य कराए जा हैं। इसमें एक परियोजना छित्तूपुर का कार्य 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। दूसरी परियोजना में भागलपुर में 20 प्रतिशत काम बचे हैं।
बाढ़ खंड के अधिकारियों के अनुसार, नदी की धारा देवसिया गांव के सामने मुड़ने से बोल्डर पर दबाव पड़ता है। इससे नदी सीधे बोल्डर से टकरा रही है।