ट्यूब की नाव से पार करते नाला, फिर पहुंचते हैं पाठशाला
वार्ड नंबर 16 शहीद नगर में भरा है कुर्ना और बारिश का पानी, 100 घरों के लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। वार्ड नंबर 16 शहीद नगर की स्थिति कछार से भी बदतर है। यहां के बच्चे ट्यूब की नाव से नाला पार कर स्कूल जाते हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी से मोहल्लेवालों को हर साल बरसात में इस दुर्दशा से दो-चार होना पड़ता है।
शहीद नगर मोहल्ले में विकास का दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। यह मोहल्ला वार्ड नंबर 16 का हिस्सा है। एक तरफ से कुर्ना तो दूसरी ओर से बारिश के पानी से मोहल्ला घिर गया है। इससे यहां से रोजाना शहर में जाने वाले लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। कुछ लोगों के लिए ट्यूब की नाव तो कुछ लोगों के लिए जुगाड़ से बनाया गया बांस का पुल सहारा बना है।
शहर के गोरखपुर रोड स्थित ओवरब्रिज के नीचे अली नगर के लिए रास्ता जाता है। यह कुर्ना नाला के पास जाकर समाप्त हो जाता है। करीब 100 घरों के लोग इस समय घुटने और कमर भर पानी के रास्ते आते-जाते हैं। कई दिनों हुई मूसलाधार बारिश ने शहर के विकास की किरण हर घर तक पहुंचने के दावों की पोल कर रख दी है।
मंगलवार को देखने को मिला कि अभिभावकों के साथ विभिन्न कक्षाओं में पढ़ाई करने वाले बच्चे मोहल्ले से ही पहले ट्यूब की नाव के सहारे बांस-बल्ली के पुल तक पहुंचते हैं। इसके बाद उफनाए कुर्ना नाले पर बने बांस के जुगाड़ केे पुल के रास्ते छात्र-छात्राएं नसरुल्लाह के मकान तक पहुंच रहे। यहां से एक दिन पूर्व स्कूल से लौटते समय रखे गए बैग और ड्रेस को धारण कर स्कूल का रुख करते हैं।
स्कूल से वापस आने के बाद ट्यूब की नाव के खेवनहार अनवर, फैयज, मनुव्वर कुर्ना नाले के पार पहुंचाते हैं। विद्यार्थी ड्रेस और बैग को रख कर बांस के पुल के सहारे घर पहुंचते हैं। इस मोहल्ले के बाशिंदों की जिंदगी कुछ इसी तरह गुजर रही है। भोजन पकाने और अन्य सामान के लिए बांस का पुल और ट्यूब की नाव ही सहारा है।
कुछ लोगों ने ली रिश्तेदारों के घर शरण
देवरिया। शहीद नगर में जलभराव के कारण कुछ लोगों ने घरों में ताला बंद कर विभिन्न मोहल्लों में निवास करने वाले रिश्तेदारों के घर शरण ले रखी है। इनको पानी कम होने का इंतजार है। कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो जलभराव के कारण अपने घरों में कैद हैं। दूसरे से सामान मंगवाकर किसी तरह से काम कर रहे हैं। महिलाओं ने तो बाजार जाना ही बंद कर दिया है। घरों के आसपास कमर भर पानी भरने से बरसात के मौसम में बाढ़ जैसे हालात से सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं।
कोट
पुल के निर्माण के लिए शासन में प्रस्ताव कुछ समय माह पहले भेजा गया है। मोहल्ले में मेरे कार्यकाल में सड़क भी बनाई गई है। जलनिकासी की व्यवस्था का प्रयास किया जा रहा है।
-धर्मेंद्र सिंह, सभासद
कोट
कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन किसी ने समस्या का निदान नहीं किया है। इस समय तो हालत है कि मेरे घर बच्चे ड्रेस, बैग शाम को छोड़कर चले जाते हैं। फिर सुबह आते हैं।
-नसरुल्लाह अंसारी
कोट
मोहल्लेवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हर रोज लोग जान जोखिम में डाल कर आते-जाते हैं। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को होती है। जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।
-अनवर अंसारी
कोट
जलभराव के कारण घर से निकला मुश्किल हो गया है। मोहल्ला बाढ़ग्रस्त इलाके की तरह लग रहा है। हम लोगों ने कई बार निदान के लिए अफसरों के पास पत्रक दिया, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
-हरिवंश गुप्ता
कोट
किसी तरह मोहल्ले के लोगों ने बांस-बल्ली का पुल आवागमन के लिए बनाया है। शाम हो गई तो मोहल्ले में कोई आ नहीं सकता है। ट्यूब से आने पर हादसा होने का भी भय बना रहता है।
-घूरा चौहान
वर्जन
मोहल्ले में डूडा से सड़क बनी है। जलनिकासी की समस्या है। कुर्ना पास में होने के कारण जलभराव हो गया है। मोहल्ले का निरीक्षण किया जाएगा। पानी निकलवाने का कार्य शुरू होगा।
-रोहित सिंह, ईओ