फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएचसी लार के प्रसव कक्ष को मिला गोल्डन बैज

विज्ञापन
विज्ञापन
सीएचसी लार के प्रसव कक्ष को मिला गोल्डन बैज
विज्ञापन

एनक्वास की वाह्य टीम ने किया था प्रसव कक्ष का मूल्यांकन
राष्ट्रीय गुुणवत्ता आश्वासन मानक टीम ने दिए 88 प्रतिशत अंक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/लार। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लार के प्रसव कक्ष को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) की टीम ने 88 प्रतिशत अंक प्रदान करते हुए गोल्डन बैज दिया है। प्रसव कक्ष व ऑपरेशन थियेटर में गुणवत्ता तथा बेहतर प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे लक्ष्य कार्यक्रम के तहत मूल्यांकन हुआ था। एनक्वास की राष्ट्रीय टीम ने जुलाई माह में 362 उप मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया था।
स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के दौरान गर्भवती को तनावमुक्त माहौल उपलब्ध कराने के साथ ही प्रसव कक्ष की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लक्ष्य कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसमें प्रसव कक्ष व ऑपरेशन थियेटर में गुणवत्ता तथा बेहतर प्रसव सेवा शामिल है। इसका मूल्यांकन एनक्वास टीम द्वारा किया जाता है।
विज्ञापन

इसके तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार का एनक्वास की राष्ट्रीय टीम ने 28 व 29 जुलाई को मूल्यांकन किया था। टीम ने जिन मानकों पर सीएचसी का निरीक्षण किया था, उनमें प्रसव कक्ष को सर्विस प्रोविजन में 77 प्रतिशत, रोगी के अधिकार में 98 प्रतिशत, इनपुट्स में 90 प्रतिशत, सपोर्ट सर्विसेज में 77 प्रतिशत, क्लीनिकल सर्विसेज में 93 प्रतिशत, इंफेक्शन कंट्रोल में 86 प्रतिशत, क्वालिटी मैनेजमेंट में 77 प्रतिशत तथा आउटकम में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे।
इन सभी आठों मानकों के कुल 362 उपमानकों पर अस्पताल के प्रसव कक्ष एवं शल्य कक्ष का लगातार गुणवत्ता निरीक्षण किया गया, जिसके बाद परिणाम प्राप्त हुआ है। इससे पहले दस्तक अभियान में सीएचसी को प्रदेश में पहला स्थान मिल चुका है।
प्रदेश में भी लार सीएचसी की है पहचान
सीएचसी के अधीक्षक डॉ. बीवी सिंह ने कहा कि वर्ष 2020 में कराए गए कायाकल्प मूल्यांकन में सीएचसी को 81 प्रतिशत अंक मिले थे। प्रदेश में नौवां स्थान प्राप्त हुआ था। पुरस्कार के रूप में डेढ़ लाख रुपये मिले थे। वर्ष 2022 में कायाकल्प मूल्यांकन में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ था। सीएचसी को इस बार चार लाख रुपये पुरस्कार के रूप में मिले। इस धन से प्रसव कक्ष की गुणवत्ता में सुधार किए गए। प्रदेश में पहली बार चलाए गए दस्तक अभियान में भी लार सीएचसी ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था।
लक्ष्य कार्यक्रम व कैसे होता है मूल्यांकन
जिले के क्वालिटी कंसल्टेंट डॉ. मैनुद्दीन अंसारी ने कहा कि प्रसव कक्ष में देखभाल सुविधाओं के मूल्यांकन के बाद प्रसूति कक्ष और मैटरनिटी ऑपरेशन थियेटर में गुणवत्ता सुधार का मूल्यांकन राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के माध्यम से किया जाता है। मूल्यांकन में 70 से 80 तक स्कोर पाने वाले अस्पताल को सिल्वर की श्रेणी में रखा जाता है जबकि 81 से 90 तक स्कोर पाने वाले अस्पताल को गोल्ड की श्रेणी में रखा जाता है। 91 से 100 तक स्कोर पाने वाले अस्पताल को प्लेटिनम की श्रेणी में रखा जाता है। इन सभी श्रेणियों को प्रशस्तिपत्र व प्रोत्साहन के रूप में नकद राशि दी जाती है।
सीएचसी लार में हुआ प्रसव
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल ने बताया कि प्रसव कक्ष की सुविधाएं बढ़ीं तो सीएचसी लार पर प्रसव की संख्या भी बढ़ी है। वर्ष 2019-20 में 2374, वर्ष 2020-21 में 2452 और 2021-22 में 2752 महिलाओं ने प्रसव कराया है।
विज्ञापन

कोट
जिले में निरंतर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के दौरान गर्भवती को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। एनक्वास की टीम ने जिन मानकों पर सीएचसी लार का निरीक्षण किया, उसमें परफॉरमेंस अच्छा है। सीएचसी को वाह्य मूल्यांकन में गोल्डन बैज मिला है।
-डॉ. बीपी सिंह, एसीएमओ आरसीएच
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें