नरायनपुर गांव पर कटान करती गोर्रा नदी।
रुद्रपुर। गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर में मंगलवार को व्यापक वृद्धि दर्ज की गई। गोर्रा का जलस्तर 24 घंटे में 90 सेमी बढ़कर 67.60 मीटर और राप्ती नदी खतरे के निशान 70.50 की और तेजी से बढ़ने लगी है। नदियों का वेग बढ़ने से तटवर्ती बंधों पर खतरा बना है। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से कछार और दोआबा के 116 गांवों के लोग बाढ़ की आंशका से भयभीत हैं।
गोर्रा नदी लगातार पिंड़रा पुल के एप्रोच पर दबाव बना रही है। एप्रोच के रास्ते वाहनों की आवाजाही बढ़ जाने और कटान तेज होने से मार्ग अवरुद्ध होने का खतरा बना है। बंधे और नदी के बीच बसे नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर गांव के मकानों पर नदी सीधे ठोकर मार रही है। यहां साल दर साल मकान कट कर नदी में विलीन हो रहे हैं।
तिघरा मराछी बांध पर जगह-जगह बने रेन कट और रैट होल मुसीबत बने हैं। बंधे पर भेड़ी, एकौना, हड़हा, बनकटी के पास रेन कट से बंधा कमजोर हो रहा हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राधेश्याम ने कहा कि नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। तटबंधों की निगरानी की जा रही है। अभी बंधों पर कोई खतरा नहीं है।