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Deoria News: नहरों में पानी का स्तर खेतों से नीचे, सिंचाई संकट से जूझ रहे किसान

Mon, 05 Jan 2026 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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तरकुलवा। सिंचाई विभाग ने नहरों में पानी तो छोड़ दिया है लेकिन पानी कम होने से सिंचाई संकट से अब भी किसान जूझ रहे हैं। क्षेत्र के रजवाहों और माइनर नहरों में पानी का स्तर खेतों से नीचे है। मजबूरन किसानों को पंपिंग सेट और ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे सिंचाई की लागत बढ़ गई है। इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
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तरकुलवा और पथरदेवा विकास खंड अंतर्गत किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए सेमरी रजवाहा, द्वारिका रजवाहा और खजूरिया रजवाहा नहर के अलावा मुसहरी, बसंतपुर धूसी, कंचनपुर, सिरसिया गोठा, बरईपट्टी, बाबूपट्टी, ओलीपट्टी आदि माइनरों की जाल बिछाई गई है। इलाके के 70 फीसदी किसानों के फसलों की सिंचाई इन्हीं नहरों के जरिए होती है।
किसानों की सहूलियत के लिए सिंचाई विभाग ने 28 दिसंबर को नहरों में पानी तो छोड़ दिया। फिर भी सिंचाई की समस्या जस की तस बनी हुई है। क्योंकि नहरों में पानी अभी तलहटी में सिमटी है।
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किसानों का कहना है कि नहरों में उपलब्ध पानी का स्तर खेतों से नीचे है। इससे किसानों को 200 से 220 रुपये प्रति घंटा की दर से किराए का पंपिंग सेट लगाकर सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे फसल की सिंचाई तो हो जा रही है लेकिन उनकी लागत बढ़ जा रही है।

नरहरपट्टी गांव के किसान सिब्बन कुशवाहा ने बताया कि बाबूपट्टी माइनर के किनारे उनका खेत है। नहर में पानी इतना कम है कि 200 रुपये प्रति घंटे की दर पर किराए पर पंपिंग सेट से गेहूं के फसल की सिंचाई करनी पड़ रही है।

कनकपुरा गांव के किसान राम कृपाल राव ने बताया कि गेहूं की सिंचाई का समय धीरे-धीरे निकल रहा है। फसल बर्बाद हो रही है। नहर में पानी आया भी तो वह तलहटी तक सीमित रह गया है। नालियों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

सिसवा-मुडिकटवा के किसान राम नरेश कुशवाहा ने बताया कि नहर के किनारे खेत होने का भी कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। नहर में पानी कम आने के चलते पंपिंग सेट लगाना पड़ रहा है।
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कोट-
नहरों में पानी छोड़ दिया गया है। अगर, किसी नहर में पानी कम आ रहा है तो इसकी जांच कर जरूरत के हिसाब से अधिक पानी छोड़वाया जाएगा।

-रमेश चौरसिया, अवर अभियंता, गंडक विभाग
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