संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी के जलस्तर में काफी कमी आई है। इससे राप्ती का भी जलस्तर नीचे खिसकने लगा है। पिछले तीन दिनों से सरयू के जलस्तर में रोजाना 10 सेमी की कमी दर्ज किया जा रहा है। घटते जलस्तर को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत महसूस किया है।
मानसून के दस्तक देने और नेपाल के पानी छोड़ने से पिछले दिनों सरयू नदी में सैलाब उमड़ आया था, जिससे राप्ती भी उफान पर थीं। नदी के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि से लोगों की नींद उचट सी गई थी।
बढ़ते जलस्तर को लेकर नदी का पानी खेतों का रुख कर रहा था, लेकिन पिछले तीन दिनों से नदी के जलस्तर में नरमी आई है। प्रतिदिन 10-10 सेमी की कमी नोट किया जा रहा है।
जलस्तर में निरंतर हो रही कमी के कारण कपरवार संगम तट और सरयू पार परसियां-विशुनपुर देवार में मोहन सेतु के पास नदी बेतहाशा कटान कर रही है। कटान के चलते संगम तट पर बने नवीन बांध के पारकोपाइन और जियो बैग की अधिकांश बोरियां नदी की धारा में बह गई हैं।
जिससे बांध जर्जर हो गया है। वहीं मोहन सेतु के पास हो रहे कटान से पुल से नदी की चौड़ाई निरंतर बढ़ती जा रही है। एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर में काफी नरमी आई है। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है।
भागलपुर संवाद के अनुसार, सरयू नदी के जलस्तर में लगातार घटाव हो रहा है। जिससे बाढ़ का खतरा टलता नजर आ रहा है।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार नदी का जलस्तर शुक्रवार शाम चार बजे 61.90 मीटर रिकार्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 2.20 मीटर नीचे है। तुर्तीपार मीटर पर खतरा निशान 64.10 मीटर है। नदी का जलस्तर कम होने से खतरा भी टलता नजर आ रहा है।